ईरान ने बड़ी घोषणा करते हुए शुक्रवार को पूरे 49 दिन बाद वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए अहम समुद्री रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल दिया. यानी सीजफायर के बाकी दिनों के लिए अब जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खुल चुका है. यह खबर ऊर्जा बाजार में बड़ी राहत लेकर आई है और तेल-गैस की कीमतें भरभराकर गिर पड़ी हैं. तेल की कीमतों में करीब 10% और गैस की कीमतों में 8.5 फीसदी की गिरावट आई है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची के होर्मुज खोलने के ऐलान के तुरंत बाद तेल कीमतों में करीब 9 फीसदी की गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि युद्धविराम की शेष अवधि के दौरान होर्मुज स्ट्रेट से सभी कमर्शियल जहाजों की आवाजाही अब खुली रहेगी.
इसके बाद वैश्विक कच्चा तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 8.46 डॉलर यानी 8.5 फीसदी टूटकर 90.93 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड वायदा 8.87 डॉलर यानी 9.4 फीसदी गिरकर 85.82 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
यूरोप के बेंचमार्क गैस कॉन्ट्रैक्ट में भी भारी गिरावट आई है. गैस करीब 8.5 फीसदी गिर गई है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में युद्ध खत्म करने के लिए जल्द समझौता हो सकता है, हालांकि इसकी समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है. लेकिन इन खबरों से ऊर्जा बाजार में सकारात्मक संदेश गया है और कीमतें गिर रही हैं.
होर्मुज का खुलना भारत के लिए बड़ी राहत
होर्मुज स्ट्रेट का खुलना भारत समेत उन सभी देशों के लिए राहत की खबर है जो खाड़ी देशों से तेल आयात करते हैं. होर्मुज बंद होने से भारत पर काफी असर पड़ा है और तेल-गैस, खासकर गैस की किल्लत देखने को मिल रही है. अब स्ट्रेट के खुल जाने से खाड़ी देशों से भारत आ रहे तेल और गैस के टैंकर बिना किसी रोक-टोक आराम से आ-जा सकेंगे जिससे इनकी किल्लत नहीं रहेगी.
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