अक्षय तृतीया से पहले बड़ा भंडाफोड़, कहीं आपको भी कोई दे रहा है खजाना वाला ये ऑफर? – Akshaya Tritiya scam alert How a fake gold coin racket duped luxury car victims for decades tuta


19 अप्रैल को अक्षय तृतीया है, इस मौके पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है, भारत में बड़े पैमाने पर लोग इस दिन सोने के सिक्के और ज्वेलरी खरीदते हैं. लेकिन अक्षय तृतीया से ठीक पहले एक बड़ा भंडाफोड़ हुआ है. अगर आप अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इस खबर को जरूर पढ़ें.

दरअसल, गुरुग्राम पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो कि पिछले 25 वर्षों से नकली सोने के सिक्कों के जरिए लोगों ठग रहा था, इनके शिकार रईस लोग हो रहे थे. पुलिस के मुताबिक वर्षों से नकली सोने के सिक्कों का काला खेल चल रहा था, और पैसे वाले ठगे जा रहे थे.

बेहद अलग था ठगी का तरीका
इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड सोलंकी प्रभुभाई गुलशनभाई (उर्फ कल्पेश) है, जिसे हाल ही में गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार किया है. यह शातिर ठग पिछले ढाई दशक से कई राज्यों में सक्रिय था. कल्पेश खुद को एक गरीब मजदूर या खुदाई करने वाला कर्मचारी बताता था. हमेशा पैसे वालों को टागरेट करता था, ये अमीर लोगों से संपर्क कर दावा करता था कि उसे रेलवे या किसी निर्माण कार्य की खुदाई के दौरान सोने और चांदी के सिक्कों का एक बड़ा खजाना मिला है.

विश्वास जीतने के लिए वह पहले कुछ असली सिक्के टेस्ट के लिए देता था, फिर शुद्धता की पुष्टि हो जाने के बाद कल्पेश दावा करता था कि उसके पास भारी मात्रा में सोने के सिक्के हैं, और वो उसे बहुत सस्ते दाम पर (25-30 लाख रुपये किलो) पर देने का लालच देता था. यानी बाजार भाव के करीब 70-75 फीसदी सस्ते दाम पर देने का लोभ देता था. फिर अमीर लोग झांसे में आते ही उन्हें असली के बदले पीतल या तांबे पर पॉलिश किए हुए नकली सिक्के थमा दिए जाते थे. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार प्रभुभाई के खिलाफ महाराष्ट्र में 2 और गुजरात में 7 धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं.

गुरुग्राम पुलिस ने किया गिरोह का खुलासा.

लग्जरी कार मालिक टारगेट पर
जांच में सामने आया कि यह गिरोह मुख्य रूप से उन लोगों को निशाना बनाता था, जो हाईवे पर लग्जरी कारों में सफर करते थे. ठगों की टीम पहले रेकी करती थी और फिर एक गरीब मजदूर का स्वांग रचकर उनसे मदद मांगने या खजाना बेचने के बहाने संपर्क करती थी. पुलिस ने बताया कि गिरोह पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाता था.

हाई-प्रोफाइल शिकार और बॉलीवुड कनेक्शन
इसी गिरोह के लोगों ने करीब 15 साल पहले बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली से करीब 20 लाख रुपये और सलीम खान के एक करीबी सहयोगी से 25 लाख रुपये की ठगी की थी. हाल ही में गुरुग्राम के एक एक्सपोर्टर से इस गिरोह ने 2.5 करोड़ रुपये और 50 तोले सोना ठग लिया, जिसके बाद पुलिस ने अब जाकर इस पर शिकंजा कसा है. पुलिस ने इनके पास से 2 करोड़ रुपये से अधिक नकदी और 678 ग्राम सोना बरामद किया गया है.

ठगी के पैसों से मौज
हैरानी की बात यह है कि कल्पेश ने ठगी की कमाई से दिल्ली-मुंबई हाईवे पर एक होटल खरीदा. ‘लव यू’ नाम की एक गुजराती फिल्म बनाई और राजनीति में पैठ बनाने के लिए अपनी पत्नी को स्थानीय चुनाव भी लड़वाया था. उसकी चार पत्नियां हैं और उसके खिलाफ गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में कई मामले दर्ज हैं.

ऐसे में अगर आपको कोई सस्ते दाम में सोना ऑफर कर दें, बिल्कुल भरोसा ना करें, क्योंकि चंद रुपये बचाने के चक्कर में भारी नुकसान हो सकता है. क्योंकि ऐसे गिरोह त्योहार के दौरान खासकर अक्षय तृतीया और धनतेरस के मौके पर अधिक सक्रिय हो जाते हैं.

एक्सपर्ट्स भी सलाह भी देते ही कि कभी भी सड़क पर चलते हुए किसी अज्ञात व्यक्ति से सोना-चांदी न खरीदें. खासकर ‘खुदाई में मिले खजाने’ या फिर चोरी की ज्वेलरी होने की जैसी कहानियों पर विश्वास न करें. सोना हमेशा हॉलमार्क वाला और अधिकृत ज्वेलर्स से ही खरीदें.

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