संसद में गरमा-गरम बहस के बीच महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल लोकसभा में गिर गया. इस दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाया तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जबरदस्त तरीके से पलटवार किया. अमित शाह ने तंज कसते हुए कहा कि उनको (राहुल) बोलने की कला प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अपने सीनियर्स से सीखनी चाहिए.
गृह मंत्री ने राहुल गांधी पर संस्थाओं को कमजोर करने और उकसाने वाले बयान देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘भाषा केवल भावनाओं को ही व्यक्त न करें. सदन में बोलने की कला अपने सीनियर्स से सीखिए. और यदि कोई सीनियर नहीं है तो प्रियंका गांधी ही सीनियर हैं- उनसे सीखिए’.
संसद में राहुल की स्पीच पर अमित शाह ने कहा, ‘मैं विपक्ष के नेता का भाषण सुन रहा था. यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप इस सदन की गरिमा को पूरे देश और दुनिया में बनाए रखें. जिस तरह की भाषा का आपने इस्तेमाल किया, वह उस गरिमा को नुकसान पहुंचाएगा.’
राहुल के भाषण पर कटाक्ष
राहुल के बयान का जिक्र करते हुए शाह ने कहा, ‘यह कैसी भाषा है- आप कायर हो, आप आत्मसमर्पण कर रहे हो, आप मुझसे डरते हो? क्या विपक्ष के नेता को इस तरह व्यवहार करना चाहिए? देश सुन रहा है… और आप तथा आपकी पार्टी का आकलन किया जा रहा है.’
इससे पहले सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा, ‘यह महिला आरक्षण बिल महिलाओं को सशक्त नहीं बनाएगा. यह शेमफुल कानून है. पुराना कानून लाओ, हम समर्थन देंगे. यह सिर्फ भारत के निर्वाचन क्षेत्र के नक्शे को बदलने के लिए है. भारत के इतिहास में यह सबसे कड़वा सच है. मैं इसके बारे में सब जानता हूं. यह ओबीसी, दलित वर्गों के लिए क्रूरता वाला बिल है. सभी जानते हैं कि ओबीसी, दलित और महिलाओं के साथ क्या होता है. केंद्र ओबीसी वर्गो के भाई बहनों से अधिकार छीनना चाहती है. वे संविधान के ऊपर मनुवाद हावी करना चाहते हैं’.
‘भारत ने देख लिया, INDIA ने रोक दिया’
इसके बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा- संशोधन विधेयक गिर गया. उन्होंने महिलाओं के नाम पर संविधान को तोड़ने के लिए असंवैधानिक तरकीब का इस्तेमाल किया. भारत ने देख लिया. INDIA ने रोक दिया. जय संविधान.
ये बोली थीं प्रियंका गांधी
महिला आरक्षण संशोधन बिल पर प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरा था. उन्होंने कहा, ‘पीएम मोदी के भाषण से ऐसा लगा कि भाजपा ही महिला आरक्षण के चैंपियन प्रस्तावक और सबसे बड़े समर्थक रहे हैं. इनके पूरे भाषण में यही बात थी जबकि ये कह रहे थे कि इन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए.
महिलाओं के सिक्स्थ सेंस का जिक्र करते हुए प्रियंका ने कहा, ‘कोई भी महिला ये बतला देगी कि बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं झट से पहचान लेती हैं .थोड़ी सावधानी बरत लीजिए, पकड़े जाएंगे’.
अब बीजेपी करेगी प्रोटेस्ट
बता दें कि महिला आरक्षण से जुड़े 131वां संविधान संशोधन बिल पारित कराने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी, लेकिन यह बिल जरूरी आंकड़े से 54 वोट पीछे रह गया. इस बिल पर कुल 528 वोट पड़े. वोटिंग के आंकड़ों के हिसाब से यह संविधान संशोधन बिल पारित कराने के लिए सरकार को 352 वोट की जरूरत थी, लेकिन इसके पक्ष में 298 वोट ही पड़े.
इस बिल के संसद में गिर जाने के बाद बीजेपी की महिला सांसदों ने मकर द्वार पर प्रोटेस्ट किया. पार्टी ने अब इसे लेकर 18 अप्रैल से राष्ट्रव्यापी प्रोटेस्ट का ऐलान कर दिया है.
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