‘पहले जांच करो, फिर एक्‍शन लो…’ अनिल अग्रवाल के सपोर्ट में उतरे दिग्‍गज कारोबारी! – Naveen Jindal Support Vedanta Anil Agarwal in Vedanta boiler plant explosion Case tutd


उद्योगपति और भाजपा सांसद नवीन जिंदल ने शनिवार को अनिल अग्रवाल के सपोर्ट में उतरे. उन्‍होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वेदांता के बॉयलर प्लांट में हुए विस्फोट के संबंध में FIR में वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का नाम शामिल होना गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि जिन 20 परिवारों ने अपना सब कुछ खो दिया है, उन्हें उचित मुआवजा और आजीविका सहायता देनी चाहिए, साथ ही गहन जांच कराना ज्‍यादा जरूरी है.

अग्रवाल की साधारण शुरुआत का विस्तार से जानकारी देते हुए जिंदल ने X पर लिखा कि वे एक साधारण और सेल्‍फ मेड व्‍यक्ति हैं, जिन्होंने जीरो से एक विश्‍व स्‍तर का कारोबार खड़ा किया है. जिस प्‍लांट में विस्‍फोट हुआ, उनमें उनकी कोई भूमिका नहीं थी. जब पब्लिक सेक्‍टर के प्‍लांट या रेलवे में एक्सिडेंट होता है, तो क्या हम अध्यक्ष का नाम लेते हैं? हम ऐसा नहीं करते. यही मानक प्राइवेट सेक्‍टर पर भी लागू होना चाहिए.

उन्होंने अधिकारियों से पहले जांच करने, सबूतों के आधार पर जिम्मेदारी तय करने और फिर कार्रवाई करने का निवेदन किया. उन्‍होंने कहा कि पहले जांच करें, सबूतों के आधार पर जिम्मेदारी तय करें, फिर कार्रवाई करें. उन्‍होंने कहा कि भारत को विकास विजन के लिए अनिल अग्रवाल जैसे लोगों की जरूरत है, जो लगातार निवेश करते रहें और विकास करते रहें. ऐसा तभी संभव है जब निवेशक व्यवस्था पर भरोसा करें.

अनिल अग्रवाल की मदद करने की अपील
एक दूसरे पोस्‍ट में जिंदल ने उद्योग जगत के संगठनों से इस संकट के समय में अनिल अग्रवाल की मदद करने की अपील की. उन्‍होंने लिखा कि जब कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी की जाती है और निवेशकों का विश्‍वास खतरे में पड़ता है, जैसा कि अनिल अग्रवाल के खिलाफ निराधार एफआईआर दर्ज करने के मामले में हुआ, तो आप चुप नहीं रह सकते हैं. उन्‍होंने अपील करते हुए कहा कि न्‍याय और सत्‍य के लिए आवाज उठाएं.

वेदांता के बॉयलर प्लांट में विस्‍फोट पर अपडेट
छत्तीसगढ़ में वेदांता के बॉयलर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए विस्फोट के संबंध में पुलिस ने लापरवाही से मौत और मशीनरी के साथ लापरवाही आचरण से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज किया है. शक्ति जिले के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने पीटीआई को बताया कि एफआईआर में वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल और प्लांट प्रमुख देवेंद्र पटेल समेत 8-10 व्यक्तियों को नामजद किया गया है.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट की शुरुआती जांच में पाया गया है कि बॉयलर भट्टी के अंदर ज्‍यादा ईंधन जमा होने से दबाव बढ़ गया, जिसके कारण विस्फोट हुआ. उन्होंने आगे बताया कि फोरेंसिक की रिपोर्ट ने भी पुष्टि की है कि ईंधन का जमाव और उसके पैदा हुए दबाव ही विस्फोट के मुख्य कारण थे.

छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में वेदांता के बिजली प्‍लांट में 14 अप्रैल को हुए विस्फोट में एक कर्मचारी की मौत के बाद मौतों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. यह विस्फोट सिंहितराई गांव में स्थित बिजली प्‍लांट में बॉयलर से टरबाइन तक उच्च दबाव वाली भाप ले जाने वाली स्टील की नली में हुआ था.

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