जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को 30 साल पुराने मामले मे NIA श्रीनगर ब्रांच ने शुक्रवार शाम गिरफ्तार कर लिया. बाद में शब्बीर शाह को NIA की टीम पटियाला हाउस कोर्ट से तीन दिनों की ट्रांजिट रिमांड लेकर जम्मू-कश्मीर ले गई.
साल 1996 में पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोप में NIA ने शब्बीर शाह के खिलाफ यह कार्रवाई की. 39 साल तक हिरासत और नजरबंद रहने के बाद उनको 12 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने NIA मामले में सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की ओर से दर्ज केस में 28 मार्च को पटियाला हाउस कोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी.
शब्बीर शाह के परिवार वालों ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि इस घटना के बाद से वे उनसे बात नहीं कर पाए हैं. शुक्रवार को कोर्ट में उन्हें इस घटना के बारे में पता चला.
यह मामला 17 जुलाई 1996 का है, जब श्रीनगर के शेरगढ़ी पुलिस थाने में FIR दर्ज की गई थी. पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना मारे गए आतंकवादियों के अंतिम संस्कार के जुलूस के दौरान हुई थी. कहा जाता है कि जुलूस के दौरान नारे लगने से अशांति फैल गई, जो बाद में हिंसक हो गई.
सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया है कि घटना के वक्त हथियारबंद आतंकवादियों ने गोलीबारी की, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे. यह गिरफ्तारी शब्बीर शाह को दूसरे मामलों में कानूनी राहत मिलने के कुछ हफ्ते बाद हुई है. इसी साल 12 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें एक अलग मामले में जमानत दी थी, जिसकी जांच एनआईए कर रही है.
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