कनाडा में सिख हेरिटेज माह के अवसर पर प्रधानमंत्री मार्क कार्नी अपनी पत्नी डायना फॉक्स कार्नी के साथ ओटावा स्थित गुरुद्वारा साहिब पहुंचे. इस दौरान प्रधानमंत्री ने सिख परंपराओं का पालन करते हुए अरदास में हिस्सा लिया और संगत के साथ जुड़कर धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया.
गुरुद्वारे में पहुंचने पर प्रधानमंत्री कार्नी और उनकी पत्नी ने लंगर सेवा में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया. उन्होंने स्वयं संगत के लिए लंगर परोसा और सेवादारों के साथ मिलकर व्यवस्था में सहयोग किया. इस दौरान गुरुद्वारे में मौजूद लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग मौजूद रहे, जिन्होंने प्रधानमंत्री के आगमन पर खुशी जताई. इस मौके पर प्रधानमंत्री कार्नी ने सोशल मीडिया पर संदेश साझा करते हुए कहा कि कनाडा विश्व में दूसरा सबसे बड़ा सिख समुदाय का घर है.
उन्होंने कहा कि सिख विरासत माह में हम उन पीढ़ियों के सिख कनाडाई लोगों का सम्मान करते हैं, जिन्होंने देश की समृद्धि, समुदायों की मजबूती और एक मजबूत कनाडा के निर्माण में अहम योगदान दिया है.
बता दें कि सिख विरासत माह हर साल अप्रैल के महीने में मनाया जाता है, जो मुख्य रूप से कनाडा और अन्य पश्चिमी देशों में सिख समुदाय के इतिहास, संस्कृति, कला और उनके योगदान का जश्न मनाता है. इस महीने बैसाखी का त्योहार भी आता है, जो खालसा पंथ की स्थापना की याद दिलाता है.
ये महीना सिखों द्वारा समाज, अर्थव्यवस्था और संस्कृति में डाले गए बहुमूल्य योगदान को पहचानने और साझा करने का अवसर है.
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