क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि खिलाड़ी को उसके आखिरी शॉट से नहीं, उसकी अगली वापसी से पहचाना जाता है. ‘किलर मिलर’ के नाम से मशहूर डेविड मिलर ने इस बात को एक बार फिर साबित कर दिया.

सिर्फ कुछ दिन पहले तक वही मिलर आलोचनाओं के घेरे में थे. गुजरात टाइटन्स (GT) के खिलाफ मैच में आखिरी दो गेंदों पर दो रन न बना पाने की कसक उनके साथ थी, वो हार सिर्फ स्कोरबोर्ड पर दर्ज नहीं हुई थी, बल्कि एक फिनिशर की छवि पर सवाल भी छोड़ गई थी.

लेकिन क्रिकेट खूबसूरत इसलिए है क्योंकि यह आपको दूसरा मौका जरूर देता है… और मिलर ने इस मौके को दोनों हाथों से नहीं, बल्कि बल्ले से लपक लिया.

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bengaluru) के खिलाफ मुकाबले में जब दिल्ली कैपिटलल्स (Delhi Capitals) मुश्किल में थी, तब वही मिलर क्रीज पर थे. इस बार बोझ के साथ नहीं, बल्कि जवाब देने के इरादे के साथ.

176 रनों का लक्ष्य सामने था, लेकिन 18 रनों पर तीन विकेट गिरने के बाद दिल्ली की पारी लड़खड़ा गई थी. ऐसे में KL राहुल और ट्रिस्टन स्टब्स ने पारी को संभालने की कोशिश की. राहुल ने अपने जन्मदिन पर जिम्मेदारी का परिचय दिया, तो स्टब्स ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया.

…लेकिन मैच का असली क्लाइमैक्स अभी बाकी था.

आखिरी ओवर… गेंदबाज थे रोमारियो शेफर्ड और सामने थे डेविड मिलर.

वही मिलर, जो कुछ दिन पहले  2 रन नहीं बना पाए थे.

19.3- पहली बड़ी हिट- छक्का
19.4- दूसरी हिट और फिर छक्का
19.5- और चौका…

बस, यहीं मैच खत्म नहीं हुआ, बल्कि कहानी पूरी हुई. मिलर इस पारी में नाबाद रहे 22 रन बनाकर, स्ट्राइक रेट 220 के साथ.

यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, यह एक ‘रिडेम्प्शन आर्क’ था, जहां खिलाड़ी अपने ही पिछले दर्द को हराकर आगे निकलता है.

मैच के बाद दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेट निदेशक वेणुगोपाल राव ने भी यही बात कही. उन्होंने साफ शब्दों में माना कि इस बार मिलर ने कोई गलती नहीं की और अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल किया.

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इस जीत की नींव हालांकि मिडिल ऑर्डर ने रखी थी. राहुल और स्टब्स की साझेदारी ने टीम को शुरुआती झटकों से उबारा. खासकर स्टब्स (60*), जो अब धीरे-धीरे दिल्ली के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल होते जा रहे हैं.

वेणुगोपाल राव ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि स्टब्स अब इन परिस्थितियों के आदी हो चुके हैं और अपनी भूमिका को अच्छी तरह समझते हैं.

कप्तान अक्षर पटेल का प्रदर्शन भी टीम के लिए राहत भरा रहा. हालांकि वह बल्लेबाजी के दौरान 26 रन बनाकर ऐंठन की वजह से मैदान छोड़ने को मजबूर हुए, लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने तीन ओवरों में 18 रन देकर 2 विकेट झटके.

टीम मैनेजमेंट के मुताबिक यह कोई गंभीर चोट नहीं है और वह अगले मैच में उपलब्ध रहेंगे. इस मैच ने दिल्ली कैपिटल्स के लिए कई पॉजिटिव संकेत छोड़े हैं. मिडिल ऑर्डर की मजबूती, फिनिशर की वापसी और कप्तान का ऑलराउंड योगदान.

… लेकिन सबसे बड़ी कहानी एक ही-डेविड मिलर हैं.क्योंकि क्रिकेट सिर्फ रन और विकेट का खेल नहीं है, यह ‘यादों और जवाबों’ का खेल भी है.और मिलर ने इस मैच में अपना जवाब दे दिया है- जोरदार, साफ और निर्णायक.

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