होर्मुज की खाड़ी में भारत के लिए एक साथ अच्छी और बुरी खबर आई. अच्छी खबर यह कि भारतीय जहाज ‘देश गरिमा’ 18 अप्रैल को सुरक्षित होर्मुज पार कर गया और 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचेगा. बुरी खबर यह कि उसी दौरान दो और भारतीय जहाजों VLCC सम्नार हेराड और बल्क कैरियर जग अर्नव पर गोलीबारी हुई और उन्हें वापस लौटना पड़ा. हालांकि किसी भी जहाज के नाविक को चोट नहीं आई.
भारतीय झंडे वाला कच्चे तेल का टैंकर ‘देश गरिमा’ 18 अप्रैल को होर्मुज की खाड़ी से सुरक्षित निकल गया. यह उस दिन हुआ जब खाड़ी में तनाव अपने चरम पर था. इस जहाज पर 31 भारतीय नाविक सवार हैं. यह जहाज 22 अप्रैल को मुंबई बंदरगाह पहुंचने वाला है. यह खबर इसलिए बड़ी राहत की थी क्योंकि उसी वक्त बाकी जहाजों पर गोलीबारी हो रही थी.
दो जहाजों पर गोलीबारी कैसे हुई?
पिछले 24 घंटों में दो भारतीय जहाज होर्मुज की खाड़ी से गुजरने की कोशिश कर रहे थे. पहला जहाज VLCC सम्नार हेराड जो एक बहुत बड़ा तेल टैंकर है और दूसरा बल्क कैरियर जग अर्नव जो भारी सामान ढोने वाला जहाज है.
दोनों जहाजों ने गोलीबारी की घटना की सूचना दी. गोलीबारी होते ही दोनों जहाजों के कप्तानों ने समझदारी दिखाई और जहाजों का रुख बदलकर वापस फारस की खाड़ी की तरफ मोड़ लिया. सबसे राहत की बात यह रही कि दोनों जहाजों के किसी भी क्रू मेंबर यानी नाविक को कोई चोट नहीं आई.
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भारत सरकार क्या कर रही है?
भारत सरकार और उससे जुड़ी सभी एजेंसियां इस पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. बंदरगाह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास मिलकर काम कर रहे हैं ताकि भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पक्की की जा सके.
दिल्ली में रह रहे ईरानी राजदूत को शनिवार को इस मामले में तलब किया गया था. फिर विदेश मंत्रालय के उच्च अधिकारी के साथ ईरानी राजदूत की मीटिंग हुई. भारत ने इस घटना को लेकर चिंता जाहिर की. राजदूत ने भी इस मामले को नोट किया कि भारत के लिए समुद्री जहाजों की सुरक्षा और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा सर्वोच्च है.
होर्मुज की खाड़ी में माहौल कैसा है?
होर्मुज की खाड़ी इस वक्त दुनिया का सबसे खतरनाक समुद्री रास्ता बना हुआ है. अमेरिका और इजरायल के साथ जंग की वजह से ईरान ने इस रास्ते पर सख्ती लगा रखी है. ईरान की इजाजत के बिना कोई भी जहाज यहां से नहीं गुजर सकता. पिछले कई हफ्तों से जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित है.
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