कानपुर में जुड़वां बेटियों की निर्मम हत्या की वारदात ने सभी को झकझोर दिया है.  इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड में बेटियों की मां रेशमा के बयान ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं. घर के भीतर क्या चल रहा था, रिश्तों में दरार कितनी गहरी थी और आखिर वह कौन सा दबाव था जिसने एक पिता को इस हद तक पहुंचा दिया. इन तमाम सवालों में कई के जवाब अभी मिलने बाकी हैं.

रेशमा के मुताबिक दोनों ने लव मैरिज 2014 में की थी. वह पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी की रहने वाली हैं, जबकि उनके पति मूल रूप से बिहार के हैं. दोनों की मुलाकात कानपुर में नौकरी के दौरान हुई और फिर यह रिश्ता शादी तक पहुंचा. शुरुआती समय में सब कुछ सामान्य था, लेकिन वक्त के साथ हालात बदलते गए. रेशमा का कहना है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति का व्यवहार बदलने लगा. छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा, शराब की लत और शक की आदत ने घर का माहौल बिगाड़ दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ अक्सर मारपीट होती थी और मानसिक दबाव भी बनाया जाता था.

बेटा ले जाओ, बेटियां मेरे पास रहेंगी

रेशमा ने बताया कि उनका पति बार-बार उनसे कहता था कि वह बेटे को लेकर कहीं और चली जाएं, जबकि दोनों बेटियां उसके पास रहेंगी. एक समय ऐसा भी आया जब रेशमा मजबूर होकर अपने मायके चली गईं. वह अपने साथ बेटे को ले गईं, लेकिन बेटियों को साथ नहीं ले जा सकीं. करीब नौ महीने तक वह बेटियों से दूर रहीं. उन्होंने बताया कि यह दूरी उनके लिए बेहद पीड़ादायक थी और आखिरकार वह वापस लौट आईं.

घर के अंदर कैमरों का जाल

रेशमा ने अपने बयान में यह भी बताया कि उनके पति ने घर के अंदर कई सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे. खास बात यह थी कि ये कैमरे सामान्य सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि निगरानी के उद्देश्य से लगाए गए थे. सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि पति के कमरे में भी कैमरे लगे थे और रेशमा को उस कमरे में जाने की अनुमति नहीं थी. वह बाहर से ही स्क्रीन पर कैमरों की फुटेज देखती थीं. रेशमा के अनुसार, पति अक्सर यह कहता था कि वह जीना नहीं चाहता और बेटियों को भी अपने साथ ले जाएगा.  पुलिस की शुरुआती जांच में भी यह सामने आया है कि आरोपी मानसिक तनाव से गुजर रहा था. उसकी मां की मौत के बाद उसकी हालत और बिगड़ गई थी. इसके अलावा, पारिवारिक विवाद और शक की आदत ने उसकी मानसिक स्थिति को और जटिल बना दिया.

घटना वाली रात: सब कुछ सामान्य, फिर सन्नाटा

रेशमा ने घटना वाली रात का जो विवरण दिया, वह बेहद खौफनाक है. उनके अनुसार, उस रात सब कुछ सामान्य लग रहा था. परिवार ने साथ बैठकर खाना खाया. इसके बाद पति बेटियों को लेकर अपने कमरे में सोने चला गया. रेशमा बाहर थीं और वह सीसीटीवी के जरिए कमरे की गतिविधियों पर नजर रख रही थीं. उन्होंने बताया कि देर रात तक पति फोन पर बात करता रहा. करीब 2:30 बजे वह एक बेटी को लेकर बाथरूम गया और कुछ देर बाद वापस आ गया. इसके बाद कमरे की लाइट बंद हो गई. रेशमा ने दरवाजे और खिड़की के पास जाकर कोई आवाज सुनने की कोशिश की, लेकिन सब कुछ शांत था. उन्हें लगा कि सभी सो गए हैं. लेकिन उसी सन्नाटे में एक भयावह घटना घट चुकी थी, जिसकी जानकारी उन्हें सुबह तक नहीं हो सकी.

सुबह 4:30 बजे आया फोन

घटना की जानकारी पुलिस को सुबह करीब 4:30 बजे मिली. हैरानी की बात यह है कि खुद आरोपी ने ही पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दी. जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो घर के अंदर का मंजर बेहद डरावना था. दोनों बच्चियां खून से लथपथ हालत में पड़ी थीं और उनके गले पर गहरे घाव के निशान थे. यह दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए. जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी ने बेटियों को पहले खाने में नींद की गोलियां दी थीं, ताकि वे गहरी नींद में चली जाएं. इसके बाद उन पर हमला किया गया. यह पूरी घटना पूर्व नियोजित लग रही है, क्योंकि आरोपी ने वारदात के लिए इस्तेमाल किया गया हथियार भी एक दिन पहले खरीदा था. पुलिस ने वह हथियार बरामद कर लिया है और फॉरेंसिक जांच जारी है.

रेशमा ने कहा कि जिसने अपनी ही बेटियों की इतनी बेरहमी से हत्या की है, उसे जीने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने आरोपी के लिए सख्त से सख्त सजा, यहां तक कि मौत की सजा की मांग की है. उनका कहना है कि यह सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि इंसानियत के खिलाफ किया गया कृत्य है. जांच टीम घर के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि घटना के हर पल को समझा जा सके. साथ ही, आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है.

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