राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की ऐसी महिला अधिकारी जिसकी कामयाबी की मिसाल पेश की जाती थी, उसे एसीबी ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. IIT जैसे संस्थान से पढ़ाई करने वाली काजल मीणा और अपनी कैटेगरी में प्रदेश में टॉप कर चुकी वह अधिकारी आज सलाखों के पीछे है. उन्हें 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है. बता दें कि मीणा 2024 बैच की RAS अधिकारी हैं.

क्या है पूरा मामला?

करौली जिले के नादौती उपखंड में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीएम काजल मीणा सहित तीन कार्मिकों को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है. कार्रवाई के दौरान मौके से 4 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी भी बरामद की गई है. यह रिश्वत जमीन से जुड़े मामले की फाइनल डिक्री जारी करने के बदले मांगी गई थी. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की सवाई माधोपुर इकाई ने करौली जिले के नादौती उपखंड कार्यालय में ट्रैप कार्रवाई करते हुए एसडीएम काजल मीणा, उनके रीडर दिनेश कुमार सैनी और वरिष्ठ सहायक (यूडीसी) प्रवीण धाकड़ को रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया.

कैसा रहा है काजल मीणा का करियर?

काजल मीणा का एजुकेशन बैंकग्राउंड और उनका सफर किसी प्रेरणा से कम नहीं था लेकिन रिश्वत के एक मामले ने उनके करियर ग्राफ को डाउन कर दिया और कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं. बता दें कि काजल ने IIT मंडी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की है. वह साल 2024 बैच की आरएएस अधिकारी भी हैं. हालांकि, आरएएस बनने से पहले वह कई सरकारी पद पर रह चुकी हैं. इनमें कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में और दिल्ली में दूरसंचार विभाग में ASO के पद पर सेवाएं दे चुकी हैं. साल 2017 में उनका चयन जेईएन के पद पर भी हुआ था.

दूसरे पोस्टिंग में हुईं गिरफ्तार

बता दें कि काजल को पहली पोस्टिंग प्रतापगढ़ में मिली था, लेकिन उन्होंने वहां पर जॉइन नहीं किया. इसके बाग उन्हें साल 2024 में नादौती (करौली) में एसडीएस के पद पर दूसरी बार पोस्टिंग मिली.

कभी करती थीं बदलाव की बात…

काजल मीणा की गिरफ्तारी के बाद अब सोशल मीडिया पर एक वीडिया तेजी से वायरल हो रहा है जो उनका पुराना मॉक इंटरव्यू है जिसमें वह नैतिकता और प्रशासनिक सेवा में आकर समाज में बदलाव की बात कर रही हैं.

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