अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध फिर से बढ़ता नजर आ रहा है. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दोनों में तनातनी जारी है. इस बीच दोनों देशों के बीच समझौता कराने के लिए आगे आने वाला पाकिस्तान बुरी तरह फंसा हुआ है. इस्लामाबाद में हुई पहली शांति वार्ता फेल हो गई, तो वहीं दूसरी शांति वार्ता होने से पहले ही होर्मुज में हमलों से मामला गड़बड़ा गया.

US-Iran के बीच युद्ध की टेंशन बढ़ने का सीधा असर पाकिस्तान के शेयर बाजार पर देखने को मिला और सोमवार को ये फिर से सहमा हुआ नजर आया, क्योंकि इस बार भी मध्यस्थता कराने वाला पाकिस्तान ही था. डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, केएसई-100 इंडेक्स 1700 अंक तक टूट गया.

बुरी तरह बिखरा PAK शेयर मार्केट
मिडिल ईस्ट में संघर्ष को लेकर अनिश्चितता के बीच सोमवार को पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (पीएसएक्स) का बेंचमार्क इंडेक्स केएसई-100 बुरी तरह टूटा. KSE-100 अपने पिछले बंद 173,939.01 अंक की तुलना में 1742.31 अंक की गिरावट के साथ 172,196.70 पर आ गया.

दिन के कारोबार के दौरान केएसई-100 ने सुबह 11:55 बजे 174,523.76 का लेवल छुआ था और फिर दोपहर 1 बजे के आसपास 169,226.56 का इंट्राडे लो भी छुआ था.

युद्ध, सीजफायर की खबरों का असर
पाकिस्तान के शेयर बाजार पर जहां 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के ईरान पर पहली बार अटैक करने के बाद से बुरा असर देखने को मिला, तो वहीं अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान में शांति वार्ता और PAK के मीडिएटर बनने की खबर से इतिहास की सबसे बड़ा रैली भी देखने को मिली है. मतलब अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध के हर अपडेट पर पाकिस्तानी शेयर बाजार में अप-डाउन देखने को मिला है.

गौरतलब है कि जब पाकिस्तान की मध्यस्थता के बीच अमेरिका और ईरान पहली बार शांति वार्ता के लिए राजी हुए थे और दो हफ्तों के लिए सीजफायर का ऐलान किया था, तो उसके बाद 8 अप्रैल को पाकिस्‍तानी शेयर बाजार अचानक रॉकेट तरह भागा था और केएसई-100 इंडेक्स 12000 अंक चढ़ गया था.

इसके बाद कुछ दिन ये रैली जारी रहे, लेकिन जब शांति वार्ता विफल होने की खबर सामने आई, तो ये भरभराकर टूटने लगा और एक-एक दिन में 5000-5000 पॉइंट तक फिसला. कुछ ऐसा ही नजारा अब फिर से देखने को मिल रहा है.

तेल की कीमतों में फिर उछाल
अमेरिका-ईरान के आमने-सामने आने के बाद फिर से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने लगा है. दोनों के बीच होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता अपनी शुरुआत से पहले ही विफल नजर आ रही है. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है और अमेरिका जहां अपने नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहे ईरानी जहाजों को कब्जे में ले रहा है, तो ईरान की ओर से अमेरिकी नेवी पर ड्रोन अटैक किए जाने की खबरें आ रही हैं. इस टेंशन के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें करीब 6 फीसदी से ज्यादा उछल गई, तो WTI Crude में भी करीब 7 फीसदी की तेजी आई है.

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