मध्य प्रदेश में बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी के खिलाफ आईपीएस एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है. आईपीएस एसोसिएशन ने नाराजगी जताते हुए लोधी के खिलाफ एक्शन की मांग की है. मिली जानकारी के अनुसार विधायक प्रीतम लोधी ने करैरा के एसडीओपी के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की और उन्हें धमकाया भी. इस घटना के बाद पुलिस महकमे में नाराज़गी देखने को मिली. मामले ने तूल तब पकड़ा, जब आईपीएस एसोसिएशन ने आधिकारिक तौर पर इस पर प्रतिक्रिया दी.

आईपीएस एसोसिएशन ने अपने बयान में कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा पुलिस अधिकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है. एसोसिएशन ने इसे न केवल एक अधिकारी का अपमान बताया, बल्कि कानून व्यवस्था के लिए भी चिंताजनक करार दिया. उन्होंने मांग की है कि विधायक के खिलाफ उचित और सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके.

एसोसिएशन का कहना है कि पुलिस अधिकारियों को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से काम करने का माहौल मिलना चाहिए. यदि जनप्रतिनिधि इस तरह का दबाव बनाएंगे, तो इससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. अब यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है. देखना होगा कि सरकार और संबंधित विभाग इस पर क्या कदम उठाते हैं और क्या विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं.

IPS एसोसिएशन मामले को लेकर पत्र जारी कर जताई नाराजगी
एमपी आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष चंचल शेखर ने लिखा है कि विधायक प्रीतम सिंह लोधी द्वारा करैरा एसडीओपी जिला शिवपुरी डॉ. आयुष जाखड़ के बारे में अमर्यादित टिप्पणी की गई है. यह अत्यंत निंदनीय एवं सार्वजनिक जीवन की गरिमा के विपरीत है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है. उक्त वीडियो में डॉ. आयुष जाखड़ नव नियुक्त पुलिस अधिकारी एवं उनके परिवार के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणियां व दी गई धमकियां पूर्णतः अमर्यादित एवं अशोभनीय हैं. यह आचरण एक जनप्रतिनिधि के पद की मर्यादा के विपरीत है. इससे प्रशासनिक तंत्र एवं समस्त अधिकारियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.

जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने आचरण एवं भाषा को संयमित और मर्यादित रखें. इस प्रकार की अमर्यादित भाषा एवं धमकीपूर्ण व्यवहार किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है और यह प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्षता को आहत करता है. मध्यप्रदेश भारतीय पुलिस सेवा संघ इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करता है एवं उचित कार्यवाही की मांग करता है.

क्या है पूरा मामला
मध्य प्रदेश में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक प्रीतम लोधी के बेटे पर अपनी थार से 5 लोगों को टक्कर मारकर घायल करने का आरोप है. पुलिस ने प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसे पूछताछ के लिए करेरा पुलिस थाने बुलाया. करैरा के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) आयुष जाखड़ ने बताया कि दिनेश लोधी से पुलिस थाने में पूछताछ की गई और मामले की जांच के तहत उसे दुर्घटना स्थल पर ले जाया गया.

IPS अधिकारी ने आगे बताया कि वाहन पर लगी काली फिल्म हटा दी गई और मोटर वाहन अधिनियम के तहत उसका चालान किया गया. प्रीतम लोधी ने बाद में दावा किया कि जाखड़ ने उनके बेटे से कहा था कि वह भविष्य में करैरा में दिखाई न दे. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में, विधायक को कथित तौर पर जाखड़ से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि करैरा किसी के “बाप की जागीर” नहीं है. सत्ताधारी दल के इस विधायक को यह भी कहते हुए सुना जा सकता है कि उनका बेटा करैरा आएगा और वहीं से चुनाव लड़ेगा.

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