उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का जिला अस्पताल एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह इलाज नहीं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर उठते गंभीर सवाल हैं. अस्पताल में मरीजों के इलाज के बीच अराजक तत्वों की मौजूदगी ने हालात चिंताजनक बना दिए हैं. महिला वार्ड में घुसकर एक मनचले द्वारा युवती के साथ अभद्रता का मामला सामने आया है, जिससे अस्पताल की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं.
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के डहर्रा गांव का है. यहां के निवासी मुन्ना अनुरागी की पुत्री लक्ष्मी पिछले 15 दिनों से पेट दर्द की समस्या के चलते जिला अस्पताल के महिला वार्ड नंबर 2 में भर्ती है. उसी वार्ड में उसकी मां कौशल्या भी इंफेक्शन के कारण इलाज करा रही हैं. आरोप है कि बीती रात एक अज्ञात युवक महिला वार्ड में घुस आया और वहां भर्ती लक्ष्मी को देखकर अश्लील इशारे करने लगा. इतना ही नहीं, वह युवक रात भर में चार बार वार्ड के आसपास घूमता रहा और बार-बार लक्ष्मी से उसका मोबाइल नंबर मांगता रहा. इस दौरान किसी भी सुरक्षा कर्मी ने उसे रोकने की कोशिश नहीं की.
लगातार हो रही इस हरकत से परेशान होकर लक्ष्मी ने अपने पास सो रहे भाई नीरज को पूरी बात बताई. इसके बाद दोनों बाहर आए और उस युवक को वहीं खड़ा पाया. जैसे ही उन्होंने उसे टोका, आरोपी भागने लगा. लेकिन लक्ष्मी और उसके भाई ने दौड़कर उसे पकड़ लिया. इसके बाद गुस्से में आई लक्ष्मी ने मौके पर ही चप्पलों से उस युवक की जमकर पिटाई कर दी. इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवती आरोपी को पीटती हुई दिखाई दे रही है. यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.
घटना का वीडियो वायरल, अस्पताल की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू पुलिस की भूमिका रही. पीड़िता का आरोप है कि जब वह आरोपी की पिटाई कर रही थी, उस समय मौके पर एक पुलिसकर्मी भी मौजूद था. वीडियो में भी पुलिसकर्मी को देखा जा सकता है. पीड़िता ने बताया कि उन्होंने पुलिसकर्मी से शिकायत की, लेकिन उसने आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और उसे मौके से जाने दिया.
इस घटना के बाद पीड़िता और उसके परिवार ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि जब अस्पताल परिसर में तैनात पुलिसकर्मी ही कार्रवाई नहीं करेंगे, तो मरीज और खासकर महिलाएं खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेंगी. तीमारदारों का भी कहना है कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से कमजोर है और अराजक तत्व बेखौफ होकर अंदर तक पहुंच जा रहे हैं. इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की तैयारियों और दावों की पोल खोलकर रख दी है.
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी पर कार्रवाई न करने के आरोप
पीड़िता और उसके परिजनों ने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके. यह मामला अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं.
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