उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में एक चौंकाने वाला हत्याकांड सामने आया है, जिसने रिश्तों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां एक व्यक्ति की हत्या उसके अपने ही परिवार के सदस्यों ने मिलकर कर दी. मामला पनवाड़ी थाना क्षेत्र के हैवतपुरा ब्राह्मणन गांव का है, जहां 14 अप्रैल को एक नाले में 36 वर्षीय हरनारायण प्रजापति का शव बरामद हुआ था.
नाले में मिली थी लाश
शुरुआत में यह मामला सामान्य हत्या का प्रतीत हुआ. मृतक के परिजनों ने ही पुलिस के पास पहुंचकर एक पड़ोसी पर शक जताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की. शव पर मिले चोट के निशानों को देखते हुए पहले ही हत्या की आशंका जताई जा रही थी.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कई टीमें गठित की गईं, जिनमें स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और सर्विलांस टीम भी शामिल थी. जांच के दौरान पुलिस ने मृतक की आखिरी लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य पहलुओं को खंगाला, लेकिन शुरुआती तौर पर कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा.
परिजनों के बदलते व्यवहार से शक
इसी बीच पुलिस को परिजनों के व्यवहार पर शक हुआ. पूछताछ के दौरान उनके बयान बदलते नजर आए, जिससे जांच की दिशा बदल गई. सख्ती से पूछताछ करने पर पूरा मामला खुलकर सामने आ गया. पुलिस के मुताबिक, हरनारायण प्रजापति को शराब और जुए की लत थी. हाल ही में उसने अपनी बेटी की शादी के लिए पशु बेचकर करीब 82,500 रुपये जुटाए थे.
परिजनों को आशंका थी कि वह यह पैसा भी शराब और जुए में खर्च कर देगा. इसी बात को लेकर घर में तनाव बना हुआ था. कई बार समझाने के बावजूद जब हरनारायण नहीं माना, तो परिवार ने एक खौफनाक साजिश रच डाली. आरोप है कि उसकी पत्नी, तीन बेटियों, नाबालिग बेटे और एक परिचित युवक ने मिलकर सोते समय रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी.
हत्या को दुर्घटना दिखाने की कोशिश
हत्या के बाद शव को नाले में फेंक दिया गया ताकि मामला दुर्घटना या बाहरी हत्या जैसा लगे. इतना ही नहीं, साक्ष्य मिटाने के लिए मृतक का मोबाइल फोन तोड़ दिया गया और पैसे छिपा दिए गए. पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल रस्सी, नकदी और मोबाइल फोन बरामद कर लिया है. फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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