जब IIT बॉम्बे के क्लासरूम में पहुंचा डॉग ‘पूकी’… नो बैग डे पर कैंपस में द‍िखा अलग ही नजारा – iit bombay students no bag day viral video creativity fun edmm


देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी बॉम्बे के छात्रों ने साबित कर दिया है कि वे सिर्फ पढ़ाई में ही जीनियस नहीं हैं, बल्कि मस्ती और क्रिएटिविटी में भी उनका कोई मुकाबला नहीं है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्र अपने लेक्चर के आखिरी दिन ‘नो बैग डे’ (No Bag Day) मनाते नजर आ रहे हैं. लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि वे बैग की जगह जो चीजें लेकर क्लास पहुंचे, उसे देखकर आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे.

साहिल नाम के एक इंस्टाग्राम यूजर द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो में देखा जा सकता है कि छात्र एक-एक करके क्लास में एंट्री कर रहे हैं. शुरुआत तो प्लास्टिक बैग्स जैसी साधारण चीजों से हुई, लेकिन देखते ही देखते क्लासरूम किसी ‘कबाड़ के जुगाड़’ वाले कंपटीशन में बदल गया.

कोई छात्र अपने कंधे पर बड़ी सी बाल्टी लटकाए हुए था, तो कोई कार्डबोर्ड के बड़े बक्से में किताबें भरकर लाया था. हद तो तब हो गई जब एक छात्र अपनी साइकिल ही क्लास के अंदर ले आया और उसे बैग की तरह इस्तेमाल करने लगा. कुछ छात्र कपड़े टांगने वाले हैंगर पर अपनी फाइलें लटका कर लाए थे, तो कुछ कुर्सियां उठाकर ले आए.

प्रोफेसर और ‘पूकी’ ने लूटी महफिल
इस पूरे नजारे को देखकर क्लास में मौजूद अन्य छात्र ठहाके मारकर हंसने लगे और हर नई एंट्री का तालियों के साथ स्वागत किया. वीडियो में क्लास के प्रोफेसर भी नजर आ रहे हैं, जो छात्रों की इस हरकत पर नाराज होने के बजाय काफी खुश और हैरान दिखाई दिए. उन्होंने भी छात्रों को उनके आखिरी दिन की इस मस्ती का पूरा आनंद लेने दिया.

वीडियो के अंत में एक और मजेदार मोड़ आया जब ‘पूकी’ नाम का एक आवारा कुत्ता भी बड़े आराम से क्लास के अंदर टहलते हुए आ गया. छात्रों ने उसका स्वागत भी उसी उत्साह के साथ किया, मानो वह भी इसी ‘कूल बैच’ का हिस्सा हो.

सोशल मीडिया पर लोग बोले- ‘सबसे कूल बैच’
इंटरनेट पर लोग इस वीडियो को खूब पसंद कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, ‘प्रोफेसर का चेहरा बता रहा है कि वे अपने छात्रों की इस खुशी से कितने संतुष्ट हैं.’ वहीं एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, ‘काश! हमारे कॉलेज के दिनों में भी ऐसा कुछ हुआ होता. ये यादें जिंदगी भर साथ रहती हैं.’ ज्यादातर लोगों का मानना है कि पढ़ाई के भारी दबाव के बीच ऐसे हल्के-फुल्के पल छात्रों की मेंटल हेल्थ के लिए बहुत जरूरी हैं.

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