उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में निशा हत्याकांड को लेकर उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया जब पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे समाजवादी पार्टी के डेलिगेशन को ग्रामीणों ने गांव में घुसने से रोक दिया. देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और हालात इतने बिगड़ गए कि ईंट-पत्थर चलने लगे. इस पत्थरबाजी में ग्रामीणों, सपा नेताओं और पुलिस के कई जवान घायल हो गए, जिनमें शहर कोतवाल और करण्डा थानाध्यक्ष भी शामिल बताए जा रहे हैं.
दरअसल करण्डा थाना क्षेत्र के कटारिया गांव की रहने वाली निशा की मौत के मामले ने अब सियासी रंग ले लिया है. पीड़ित परिवार से मुलाकात करने के लिए समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा था. यह डेलिगेशन सपा जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह यादव के नेतृत्व में पहुंचा, जिसमें जंगीपुर विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव और सदर विधायक जै किशन साहू समेत कई सपा नेता और कार्यकर्ता शामिल थे. लेकिन गांव के बाहर ही ग्रामीणों ने सपा डेलिगेशन को रोक दिया और उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने गांव के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी.
इसके बाद सपा विधायक और कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए. स्थिति को संभालने के लिए पुलिस प्रशासन ने पीड़ित परिवार को धरना स्थल पर लाकर सपा नेताओं से मुलाकात करवाई. मुलाकात के दौरान अचानक भगदड़ मच गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया. देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच जमकर ईंट-पत्थर चलने लगे.
इस पत्थरबाजी में ग्रामीणों के साथ-साथ सपा नेता-कार्यकर्ता और पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. बताया जा रहा है कि शहर कोतवाल और करण्डा थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी इस दौरान चोटिल हो गए.
पुलिस प्रशासन पर सहयोग न करने का आरोप
सपा प्रवक्ता शौर्या सिंह का कहना है कि पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा का डेलिगेशन पीड़ित परिवार से मिलने कटारिया गांव पहुंचा था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने इसमें सहयोग नहीं किया. फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात को काबू में करने की कोशिश की जा रही है. निशा हत्याकांड को लेकर पहले ही इलाके में तनाव बना हुआ है और अब इस घटना के बाद मामला और ज्यादा गरमा गया है.
इस पूरे घटना क्रम में एडिशनल एसपी राकेश कुमार मिश्रा ने बताया है कि कुछ दिन पूर्व एक लड़की का शव बरामद हुआ था, परिजनों की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन आज सपा का प्रतिनिधि मंडल मिलने गया था, जहां गांव वालों के विरोध का सामना करना पड़ा, हालांकि इस मामले पीड़ित परिवार पुलिस कार्यवाही से संतुष्ट था. ग्रामवासियों ने भी माहौल बिगड़ने की आशंका व्यक्त की थी, बावजूद उसके 15 आदमियों को मिलने की व्यवस्था कराई गई थी लेकिन दो सौ से ज्यादा लोग पहुंच गए जिसमें कुछ अवांछनीय लोग भी थे. दस लोगों को हिरासत में लिया गया बाकी पर गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है.
—- समाप्त —-

