सुबह 3.25 पहले अटैक में शिप तबाह, दूसरे टॉरपीडो से… शिप पर मौजूद अफसर ने सुनाई IRIS dena की कहानी – iris dena ship iran us navy attack story of torpedo attack ntcppl


ईरान की नौसेना का युद्धपोत IRIS Dena से जुड़ी दर्दनाक कहानी सामने आ रही है. ये वही युद्धपोत है जिसे 4 मार्च 2026 को अमेरिकी नेवी की एक पनडुब्बी ने टॉरपीडो मारकर डुबो दिया था. यह घटना श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में हुई. इस हमले में जिंदा बचे ईरानी नौसैनिकों ने कथित रूप से अमेरिकी एक्शन की कहानियां सुनाई है,

हमले में जिंदा बचे ईरानी नौसैनिकों के अनुसार अमेरिकी पनडुब्बी ने जान-बूझकर तबाह हो चुके  IRIS Dena पर दूसरा टॉरपीडो दागा, ताकि ईरान की ओर से ज्यादा से ज्यादा कैजुअलिटी हो.

इस घटना की याद करते हुए ईरानी नेवी के एक ऑफिसर ने पूरी घटना को एक टीवी इंटरव्यू पर याद किया.

इस ऑफिसर ने आगे कहा, “4 मार्च को 3.25 बजे सुबह एक अमेरिकी पनडुब्बी ने हमारे ऊपर टॉरपीडो फायर किया. टॉरपीडो ने हमारे शिप को स्ट्राइक किया और हमारे पोत की गति खत्म हो गई, जहाज का शॉफ्ट और प्रोपेलर पूरी तरह से नष्ट हो गया. हम समंदर में एक दम स्थिर हो गए थे, हमारा जहाज एक जगह पर खड़ा था.”

इस ईरानी नौसैनिक ने आगे कहा कि, “युद्ध का नियम कहता है कि जब एक हमले के बाद आपका जहाज समंदर में ऑपरेशन के लायक नहीं रह जाता है तो हमला करने वाले पनडुब्बी को वापस चला जाना चाहिए, जब पहले टॉरपीडो का हमला हुआ तो जहाज पर किसी की जान नहीं गई थी. पहले टॉरपीडो ने सिर्फ हमारे जहाज को पूरी तरह से रोक दिया, लेकिन दूसरा टॉरपीडो नौसैनिकों की जान लेने के लिए था. यानी कि उनलोगों ने जानबूझकर हमला किया.”

ईरानी नेवी के जवान ने कहा कि दूसरे टॉरपीडो हमले ने हमारे 104 दोस्तों, कॉमरेड और प्यारे भाइयों को मार डाला.

बता दें कि IRIS Dena भारत में आयोजित अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम MILAN-2026 में शामिल होने के बाद ईरान लौट रहा था. 4 मार्च की सुबह जहाज श्रीलंका के गाले तट से लगभग 19 समुद्री मील दूर था, तभी इस पर हमला हुआ.

टॉरपीडो जहाज के नीचे विस्फोट करता है जिससे जहाज का इंफ्रास्ट्रक्चर टूट जाती है. इसी वजह से हमले के कुछ ही देर में डूब गया. इस जहाज ने 5.08 बजे डिस्ट्रेस कॉल भेजा, लेकिन वह 2-3 मिनट में डूब गया.

इस हादसे में 32 ईरानी नौसैनिकों को श्रीलंका की नौसेना ने बचाया. यह भी खास बात रही कि यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार था जब किसी अमेरिकी पनडुब्बी ने युद्ध में किसी जहाज को टॉरपीडो से डुबोया.

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