पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से एक दिन पहले झारग्राम जिले की गोपीबल्लवपुर विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक खगेन्द्रनाथ महतो ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया. टीएमसी द्वारा टिकट नहीं दिए जाने से महतो नाराज थे. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इसी असंतोष के चलते उन्होंने आखिरी समय में पार्टी छोड़ने का फैसला किया. उन्होंने बुधवार को औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की.
बिधाननगर स्थित बीजेपी कार्यालय में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें पार्टी का झंडा थमाकर स्वागत किया. इस मौके पर अधिकारी ने महतो को एक स्थापित डॉक्टर बताते हुए कहा कि उन्होंने टीएमसी के भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ लड़ने के उद्देश्य से बीजेपी जॉइन की है. सुवेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि गोपीबल्लवपुर विधानसभा क्षेत्र ओडिशा की सीमा से सटा हुआ है, जहां बीजेपी की सरकार है. उन्होंने दावा किया कि ओडिशा में अच्छे शासन से प्रभावित होकर महतो ने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया है.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महतो ने किसी चुनावी लाभ या टिकट की अपेक्षा से पार्टी जॉइन नहीं की है. सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उम्मीदवारों की सूची पहले ही घोषित हो चुकी है और चुनाव प्रचार का समय भी समाप्त हो गया है. ऐसे में महतो ने बिना किसी शर्त बीजेपी की सदस्यता ली है और पार्टी की कार्यशैली की सराहना की है. महतो के इस कदम को चुनाव से ठीक पहले टीएमसी के लिए झटका माना जा रहा है, वहीं बीजेपी इसे अपने पक्ष में बढ़त के तौर पर देख रही है.
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 23 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. पहले चरण में 152 सीटें दांव पर हैं, जबकि दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान होगा. बंगाल चुनाव के नतीजे 4 मई को तमिलनाडु, केरल, असम, पुडुचेरी के साथ ही घोषित किए जाएंगे. बंगाल में 15 साल से टीएमसी सत्ता में है और लगातार चौथे टर्म के लिए प्रयास कर रही है. वहीं, बीजेपी बंगाल में पहली बार कमल खिलाने की कोशिश में लगी है, जो राज्य में मुख्य विपक्षी दल भी है.
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