कनाडा: यौन उत्पीड़न केस में भारतीय मूल के शख्स को 7 साल की सजा, फैसले के अगले दिन देश छोड़कर भागा – indian origin man to 7 years jail for sexual harassment in canada ahlbs


कनाडा में यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेल के गंभीर मामले में भारतीय मूल के एक 31 वर्षीय शख्स को कनाडा के ओंटारियो सुपीरियर कोर्ट ने 7 साल की जेल की सजा सुनाई है. लेकिन हैरानी की बात यह है कि सजा सुनाए जाने के अगले ही दिन आरोपी देश छोड़कर फरार हो गया.

मामले की सुनवाई ओंटारियो सुपीरियर कोर्ट ऑफ जस्टिस में जस्टिस स्टीफन टी. बाले ने की. कोर्ट में आरोपी की पहचान केवल उसके इनिशियल्स H.B. के रूप में दर्ज है.अदालत को बताया गया कि आरोपी और पीड़िता की मुलाकात एक डेटिंग साइट के जरिए हुई थी. दोनों ही भारतीय मूल के बताए जा रहे हैं और कनाडा में रह रहे थे. शुरुआती बातचीत के बाद आरोपी ने धीरे-धीरे पीड़िता पर नियंत्रण बनाना शुरू किया और मामला गंभीर रूप लेता गया.

कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी ने कई बार पीड़िता के साथ यौन उत्पीड़न किया. जज ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ घटनाएं “क्रूर, दर्दनाक और अपमानजनक” थीं. जब आरोपी गुस्से में होता, तो वह पीड़िता को “सेक्सुएल पनिशमेंट” देने की बात करता था. आरोपी ने पीड़िता की निजी और अंतरंग तस्वीरें भी ली हुई थीं, जिन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देकर वो लगातार महिला को डराता रहा. इसी डर के चलते वह पीड़िता को मानसिक रूप से नियंत्रित करता रहा.

अदालत में यह भी सामने आया कि आरोपी पीड़िता को यह कहकर धमकाता था कि वह कनाडा की कानूनी व्यवस्था को जानता है और उसे किसी भी स्थिति में सजा नहीं होगी. साथ ही उसने यह भी कहा कि “कोई भी उसे स्वीकार नहीं करेगा” और वो उसकी जिंदगी बर्बाद कर देगा. पीड़िता ने कोर्ट में बताया कि लगातार धमकियों और मानसिक दबाव के कारण वह बेहद डर में जी रही थी और उसे यह तक महसूस होने लगा कि आत्महत्या ही उससे बचने का रास्ता है.

30 अक्टूबर 2025 को जूरी ने आरोपी को यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेल के मामले में दोषी करार दिया. अदालत ने सजा तय की और 7 साल की कैद सुनाई. लेकिन इसके ठीक अगले दिन आरोपी ने कनाडा छोड़ दिया.

रिपोर्ट के मुताबिक, वह पहले अमेरिका के हाईगेट स्प्रिंग्स बॉर्डर के रास्ते बाहर निकला और फिर बोस्टन से ज़्यूरिख (स्विट्जरलैंड) की फ्लाइट ली. बाद में वह अबू धाबी और अन्य रूट्स से भी यात्रा करता दिखा, लेकिन फिर अचानक उसका पता लगना बंद हो गया.

कोर्ट ने माना कि आरोपी ने जानबूझकर देश छोड़ा है और इसलिए उसके खिलाफ अनुपस्थिति में सजा सुनाई गई. अदालत ने कहा कि यह साफ है कि वह कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए फरार हुआ है. फिलहाल आरोपी का कोई पता नहीं चल पाया है. वहीं पीड़िता अब भी इस डर में जी रही है कि कहीं आरोपी उसकी निजी तस्वीरों को लीक न कर दे या उसे और उसके परिवार को नुकसान न पहुंचाए.

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