अमेरिका में कुछ साल पहले तक अगर किसी स्टूडेंट को पढ़ाई में मदद चाहिए होती थी, तो सबसे पहला नाम आता था Chegg. अमेरिका की यह कंपनी ऑनलाइन एजुकेशन में एक बड़ा नाम थी. Chegg एक टाइम पर अमेरिका की सबसे बड़ी EdTech कंपनी थी. लेकिन चार साल में ऐसा हुआ कि अब ये दिवालिया होने के कगार पर है.
होमवर्क सॉल्व करना हो, सवालों के जवाब चाहिए हों या टेस्ट की तैयारी करनी हो, लाखों स्टूडेंट इसके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे. लेकिन फिर आया AI, और खासकर ChatGPT, जिसने पूरे गेम को बदल दिया.
15 बिलियन डॉलर तक की वैल्यूएशन
2021 के आसपास Chegg अपनी ऊंचाई पर थी. कंपनी की वैल्यू करीब 15 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई थी. लेकिन इसके बाद जो गिरावट शुरू हुई, वो इतनी तेज थी कि कुछ ही सालों में कंपनी की वैल्यू लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच गई.
असल में Chegg का पूरा बिजनेस मॉडल इस बात पर टिका था कि स्टूडेंट पैसे देकर सवालों के जवाब लें. यानी अगर आपको किसी सवाल का जवाब चाहिए, तो आपको सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता था.
लेकिन 2022 में जब ChatGPT आया, तो पहली बार स्टूडेंट्स के पास ऐसा टूल आ गया जो वही काम फ्री में, तुरंत और काफी हद तक सही तरीके से करने लगा.
यहीं से Chegg की असली समस्या शुरू हुई. जहां पहले स्टूडेंट्स को किसी सवाल का जवाब पाने में समय लगता था, अब वही जवाब कुछ सेकंड में मिलने लगा. और सबसे बड़ी बात, इसके लिए पैसे भी नहीं देने पड़ते थे. इससे Chegg के पेड मॉडल की जरूरत ही कम हो गई.
ChatGPT की वजह से गिरा यूजरबेस
धीरे-धीरे इसका असर दिखने लगा. कंपनी के यूजर्स कम होने लगे, वेबसाइट पर ट्रैफिक गिरने लगा और सबसे बड़ा झटका लगा सब्सक्राइबर बेस को. रिपोर्ट्स बताती हैं कि AI टूल्स के आने के बाद Chegg के यूजर्स और रेवेन्यू दोनों तेजी से गिरने लगे.
Chegg खुद भी मान चुका है कि ChatGPT और दूसरे AI टूल्स ने उसके बिजनेस को सीधा नुकसान पहुंचाया है. यहां तक कि कंपनी के शेयर एक समय में 40-50% तक गिर गए थे जब पहली बार यह बात सामने आई कि AI उसका ग्रोथ रोक रहा है.
गूगल के AI Overview ने भी झटका
एक और बड़ा झटका Chegg को गूगल से मिला. अब गूगल सर्च में भी AI जवाब देने लगा है, जिससे यूजर्स को वेबसाइट पर जाने की जरूरत ही कम हो गई. Chegg ने खुद कहा कि गूगल के AI फीचर्स की वजह से उसके प्लेटफॉर्म पर आने वाला ट्रैफिक तेजी से गिरा.
यानी पहले जहां यूजर गूगल से Chegg की वेबसाइट पर आता था, अब वही जवाब सीधे गूगल पर मिल रहा है. इससे Chegg का ट्रैफिक और कम हो गया.
अगर बिजनेस के नजरिए से देखें तो Chegg की सबसे बड़ी गलती यह रही कि उसका पूरा मॉडल एक ही चीज पर टिका था, होमवर्क हेल्प. जैसे ही AI ने वही काम बेहतर और सस्ते तरीके से करना शुरू किया, कंपनी के पास बचने के लिए ज्यादा विकल्प नहीं थे.
AI से तेज नहीं भाग सकी कंपनी
इसके अलावा Chegg AI के मुकाबले जल्दी खुद को बदल भी नहीं पाया. जब तक कंपनी ने अपने AI प्रोडक्ट लॉन्च किए, तब तक स्टूडेंट्स पहले ही ChatGPT जैसे टूल्स की आदत डाल चुके थे.
स्थिति इतनी खराब हो गई कि कंपनी को बड़े स्तर पर छंटनी करनी पड़ी. हजारों कर्मचारियों को निकालना पड़ा और खर्च कम करने के लिए कई बड़े फैसले लेने पड़े.
फाइनेंशियल स्थिति भी कमजोर हो गई. 2025 में कंपनी के रेवेन्यू में लगभग 40-50% तक गिरावट दर्ज की गई और घाटा भी बढ़ गया. अगर आसान भाषा में समझें तो Chegg एक ऐसी कंपनी थी जो जानकारी बेचती थी, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने जानकारी को फ्री और तुरंत एवेलेबल करा दिया. और यही चीज उसके लिए सबसे बड़ा खतरा बन गई.
ये भी कहा जा सकता है कि ChatGPT ने Chegg को सीधे खत्म नहीं किया, लेकिन उसने उसका बिजनेस इतना कमजोर कर दिया कि वह टिक नहीं पाया. और यही वजह है कि आज Chegg का नाम एक केस स्टडी बन चुका है कि AI कैसे कुछ ही सालों में पूरी इंडस्ट्री बदल सकता है.
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