Panama Canal Charge: US-ईरान में जंग… इस ‘छुटकू’ देश की मौज, एक टैंकर पर ₹37Cr की कमाई, होर्मुज बंद से बल्ले-बल्ले – Panama Canal become most expensive chokepoint amid US Iran War Hormuz closure firms paid upto 4 million dollar extra tutc


अमेरिका-ईरान में तनातनी जारी है, क्रूड ऑयल की कीमतें फिर 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. दूसरी ओर होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नाकाबंदी और ईरान का दबदबा कायम होने से तेल-गैस संकट बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. लेकिन इस ग्लोबल टेंशन के बीच एक छुटकू देश की मौज हो गई है और वहां की सरकार ताबड़तोड़ कमाई कर रही है. हम बात कर रहे हैं, पनामा की, जो वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से यहां की पनाना कैनाल (Panama Canal) सबसे महंगा समुद्री रास्ता बनता नजर आया है.

Hormuz Blockade के चलते तेल-गैस के जहाज अब निकलने के लिए पनामा कनाल का रास्ता चुन रहे हैं और इस समुद्री रूट पर आवाजाही चरम पर पहुंच गई है. यहां से गुजरने की होड़ ऐसी लगी है कि जहाज निकालने के लिए नीलामी तक लग रही है और एक टैंकर के लिए करीब 4 मिलियन डॉलर (लगभग 37 करोड़ रुपये से ज्यादा) खर्च करने पड़ रहे हैं. ऐसे में साइज में छोटे इस देश की ग्लोबल ट्रेड के लिए बड़ी अहमियत है.

पनामा से जहाज निकालने की होड़
रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की कुल तेल खपत का करीब 20 फीसदी होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है और अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते यहां से आवाजाही बंद है. जिस तरह से US-Iran में लगातार तनातनी बढ़ रही है, इसके हाल-फिलहाल खुलने की उम्मीद भी कम नजर आ रही है. ऐसे में शिपिंग कंपनियां अब वैकल्पिक रास्तों को तलाशने पर ज्यादा जोर दे रही हैं और इनमें सबसे अहम समुद्री रूट Panama Canal बनकर सामने आया है. अचानक पनामा नहर पर जहाजों की आवाजाही बढ़ गई है.

पनामा नहर

लग रही बोली, इतना ज्यादा खर्च
रिपोर्ट की मानें, तो यहां हालात ये है कि जहाजों के निकलने के लिए वेटिंग लिस्ट लंबी हो गई है और नीलामी प्रोसेस तक लागू हो गया है. बता दें कि कनाल लास्ट-मिनट स्लॉट के लिए ऑक्शन सिस्टम का इस्तेमाल करती है, जिसमें सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले को रास्ता पहले दे दिया जाता है. हालांकि कनाल से गुजरने का रास्ता आमतौर पर रिजर्वेशन के जरिए एक फ्लैट रेट पर होता है, लेकिन बिना बुकिंग वाली कंपनियां ऑक्शन के जरिए ज्यादा पैसे देकर पार कर सकती हैं.

पनामा नहर से जल्दी निकलने के लिए कंपनियां एक जहाज के लिए 4 मिलियन डॉलर तक अतिरिक्त बोली लगाने के भी परहेज नहीं कर रही हैं. आम तौर पर कनाल ट्रांज़िट में 3 लाख से 4 लाख डॉलर का खर्च आता है, लेकिन अब प्रायोरिटी एक्सेस में काफी ज्यादा खर्च आ रहा है. पहले, फास्ट-ट्रैक स्लॉट पर 2.5 से 3 लाख डॉलर अतिरिक्त खर्च करने होते थे, लेकिन फिलहाल के हालात में ये अतिरिक्त खर्च 4.25 लाख डॉलर या उससे भी अधिक हो गया है. खास बात ये है कि ये रकम रेग्युलर टोल फीस से अलग है.

Panama सरकार की तगड़ी कमाई
पनामा कनाल अथॉरिटी का कहना है कि ईरान युद्ध (Iran War) के कारण होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से ग्लोबल ट्रेड फ्लो में बड़ा बदलाव आया है. Panama Canal में हाल के हफ्तों में स्लॉट की मांग आसमान छू गई और ऑक्शन की कीमतें शिखर पर हैं. कमर्शियल जहाज तेजी से पनामा कनाल से गुजर रहे हैं, जिनमें ऐसे शिपमेंट हैं जिन्हें ईरान के तट से दूर वॉटरवे से बचने के लिए दूसरे देशों से खरीदा गया था या दूसरे रूट पर भेजा गया था.

एनालिस्ट रोड्रिगो नोरिएगा का कहना है कि बमबारी, मिसाइलों, ड्रोन हमलों के बीच शिपिंग कंपनियां कह रही हैं कि पनामा नहर से पार करना ज्यादा सुरक्षित, लेकिन यह सब ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर डाल रहा है. पेशे से पनामा में वकील नोरिएगा ने ये भी कहा कि Panama Govt पनामा नहर से जितना हो सके उतना कमाने की कोशिश कर रही है.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *