‘पहले सुपरस्टार बनकर तो दिखाओ’, कॉमेडिन जाकिर खान पर बोलीं अमीषा पटेल, ‘धुरंधर’ पर दिया था बयान – Ameesha Patel Reaction Zakir Khan Statement Dhurandhar Se sabki jail hai tmovg


मशहूर कॉमेडियन जाकिर खान और फिल्म ‘धुरंधर’ की कामयाबी को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. हाल ही में जाकिर खान ने एक अवॉर्ड शो के दौरान यह कहकर सनसनी मचा दी थी कि ‘धुरंधर’ की ब्लॉकबस्टर सफलता से पूरा बॉलीवुड अंदर ही अंदर जल रहा है. अब इस पूरे मामले पर बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल ने अपनी चुप्पी तोड़ी है.

अमीषा ने न केवल जाकिर के दावों को सिरे से खारिज किया, बल्कि स्टैंड-अप कॉमेडियंस के काम करने के तरीके पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने क्लियर किया कि सफलता से इंडस्ट्री असुरक्षित नहीं होती, बल्कि उसे बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलती है.

अमीषा पटेल ने क्या कहा?
अमीषा पटेल ने बॉलीवुड बबल को दिए इंटरव्यू के दौरान साफ किया कि जाकिर खान के प्रति उनके मन में कोई व्यक्तिगत कड़वाहट नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मैं जाकिर को निजी तौर पर जानती हूं और मेरी उनसे कोई रंजिश नहीं है. लेकिन मैं एक बात जरूर कहना चाहूंगी कि स्टेज पर खड़े होकर अचीवर्स (कामयाब लोगों) के बारे में टिप्पणी करना और उनका मजाक उड़ाना बहुत आसान काम है. पहले अचीवर्स बनकर तो दिखाओ, सुपरस्टार बनकर तो दिखाओ. फिर जब आप पर चुटकुले बनेंगे, तब मैं देखना चाहती हूं कि आप उसे किस तरह से लेते हैं.’

जाकिर खान के उस दावे पर कि ‘इंडस्ट्री जल रही है’, अमीषा ने तीखे सवाल पूछे. उन्होंने कहा कि जाकिर को इस तरह का बयान देने का आधार क्या था? अमीषा ने पूछा, ‘क्या किसी ने आपको फोन करके यह कहा कि ‘धुरंधर’ की हिट से हम असुरक्षित महसूस कर रहे हैं? हकीकत तो यह है कि इस फिल्म के आने के बाद बहुत से लोगों ने कहा कि हमें इससे सीखने की जरूरत है. किसी की सफलता पर उसे नीचा दिखाना या उस पर तंज कसना सही नहीं है. मैं उन 10 लोगों के नाम जानना चाहती हूं जिन्होंने जाकिर को फोन करके अपनी असुरक्षा जाहिर की थी.’

धुरंधर की तारीफ की
अमीषा ने फिल्म ‘धुरंधर’ की तारीफ करते हुए कहा कि राम गोपाल वर्मा जैसे दिग्गजों ने भी माना है कि इस फिल्म ने इंडस्ट्री के लिए एक नया स्टैंडर्ड सेट किया है. उन्होंने बताया, ‘आजकल एक्टर्स अपनी फिल्मों पर ज्यादा मेहनत कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि दर्शकों की उम्मीदें अब बढ़ गई हैं. अगर फिल्म जगत में कॉम्पिटिशन नहीं होगा, तो हम दर्शकों को बेहतर सिनेमा कैसे दे पाएंगे? हमें ऐसे लोगों की जरूरत है जो हमें चुनौती देते रहें, न कि ऐसे बयानों की जो बेवजह नकारात्मकता फैलाएं.’

आखिर क्या था पूरा मामला?
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब जाकिर खान ने एक अवॉर्ड शो को होस्ट करते हुए बॉलीवुड की एकता पर सवाल उठाए थे. उन्होंने धुरंधर की सक्सेस के बाद  तंज कसते हुए कहा था, ‘कितने ही मुबारकबाद वाले पोस्ट आप डाल दें, कितने ही स्टोरी डाल दें, कितने ही इंटरव्यू में आप बोल दें कि ये मेरी पसंदीदा फिल्म है. मगर सच तो ये है कि धुरंधर से सबकी जली तो है. बम फिल्म के अंदर ल्यारी में फूटा, लेकिन धुआं उड़ा बांद्रा से जुहू में.’

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