‘भ्रष्ट हाथों में है AAP की कमान, निराश होकर छोड़ी पार्टी’, राघव चड्ढा का केजरीवाल पर सीधा प्रहार – AAP leadership in corrupt hands I left party out of deep disappointment says Raghav Chadha lclnt

ByCrank10

April 25, 2026


देश की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद अब बयानबाजी का दौर तेज हो गया है. पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने जहां आम आदमी पार्टी और उसके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए, वहीं पार्टी ने इन नेताओं को ‘गद्दार’ बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है.

दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा ने कहा कि आज हर सच्चा देशभक्त, जिसने खून-पसीने से आम आदमी पार्टी को सींचा, या तो पार्टी छोड़ चुका है या छोड़ने की तैयारी में है. उन्होंने आरोप लगाया कि ईमानदार और मेहनती लोगों के लिए अब पार्टी में कोई जगह नहीं बची है और पार्टी ऐसे रास्ते पर चल पड़ी है जिससे कोई जुड़ना नहीं चाहता. राघव ने कहा कि ‘आम आदमी पार्टी भ्रष्ट हाथों में है, निराश होकर मैंने पार्टी छोड़ी है.’

राघव चड्ढा ने कहा कि भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में निर्वाचित सांसदों को यह अधिकार है कि यदि उन्हें लगे कि उनकी पार्टी भ्रष्ट और समझौतावादी हाथों में चली गई है, तो वे पार्टी छोड़ सकते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि एक नहीं, दो नहीं, बल्कि सात सांसद एक साथ इसलिए जा रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि पार्टी भ्रष्ट और समझौता करने वाली ताकतों के कब्जे में है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने डर के कारण नहीं, बल्कि गहरी निराशा और घृणा के कारण पार्टी छोड़ी है.

स्वाति मालीवाल का केजरीवाल पर हमला
दूसरी ओर भाजपा में शामिल हुईं स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें ‘असली गद्दार’ बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि जब केजरीवाल ने राजनीति की शुरुआत की थी, तब वे फटी पैंट पहनते थे, दो रुपये का पेन इस्तेमाल करते थे और जर्जर कार में घूमते थे. लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्होंने सौ करोड़ रुपये का घर बनवा लिया.

स्वाति मालीवाल ने कहा कि यह वही नेता हैं जिन्होंने देश को बदलाव के बड़े सपने दिखाए, लेकिन सत्ता मिलते ही आलीशान जीवनशैली अपना ली. उन्होंने आरोप लगाया कि उस घर में करोड़ों के कालीन, महंगे फर्नीचर, लाखों-करोड़ों का फ्रिज और बार जैसी सुविधाएं जोड़ी गईं. उनका यह बयान कथित ‘शीश महल’ विवाद को लेकर था.

उन्होंने कहा कि मैंने किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास रखते हुए भाजपा का दामन थामा है. उन्होंने कहा कि जो लोग रचनात्मक राजनीति करना चाहते हैं, उन्हें भाजपा में शामिल होना चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तारीफ करते हुए कहा कि दोनों ने देशहित में ऐतिहासिक फैसले लिए हैं.

अरविंद केजरीवाल को ‘महिला विरोधी’ करार दिया
स्वाति मालीवाल ने 2024 की उस घटना का भी जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर केजरीवाल के निजी सहायक बिभव कुमार द्वारा उनके साथ मारपीट की गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस मामले में आवाज उठाई तो उन पर प्राथमिकी वापस लेने का दबाव बनाया गया. उन्होंने कहा कि उन्हें दो वर्षों तक संसद में बोलने का अवसर नहीं दिया गया और यह बेहद शर्मनाक है. उन्होंने केजरीवाल को ‘महिला विरोधी’ करार दिया.

मालीवाल ने यह भी दावा किया कि आम आदमी पार्टी अब पंजाब, जो उसका इकलौता शासित राज्य है, को अपना ‘निजी एटीएम’ बना रही है. उन्होंने कहा कि जो भी पार्टी के खिलाफ आवाज उठाता है, उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाती है. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में हार के बाद पार्टी का भ्रष्टाचार अब पंजाब में पहुंच चुका है.

‘मूल सिद्धांतों के खिलाफ जाना गद्दारी’
उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने उनके साथ कथित मारपीट की, उसे जेड-प्लस सुरक्षा दी गई और अब वही भगवंत मान का मुख्य सलाहकार बना दिया गया है. उन्होंने कहा कि जो नेता कभी वीआईपी संस्कृति के खिलाफ बोलते थे, आज उनके काफिले में 50 से अधिक गाड़ियां चलती हैं.
स्वाति मालीवाल ने कहा कि मूल सिद्धांतों के खिलाफ जाना ही गद्दारी है, और अरविंद केजरीवाल से बड़ा गद्दार कोई नहीं. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता उन्हें और अन्य सांसदों को गद्दार कह रहे हैं, जबकि असली विश्वासघात पार्टी नेतृत्व ने किया है.

भाजपा पर ‘ऑपरेशन लोटस’ का आरोप
उधर, आम आदमी पार्टी ने इन सात सांसदों के भाजपा में शामिल होने को बड़ा झटका माना है. पार्टी नेता संजय सिंह ने उन्हें ‘गद्दार’ बताते हुए भाजपा पर ‘ऑपरेशन लोटस’ के तहत विधायकों और सांसदों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया.

इसी बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार रात अरविंद केजरीवाल से उनके आवास पर मुलाकात की, जहां आगे की रणनीति पर चर्चा हुई.

क्या बोली आम आदमी पार्टी?
आम आदमी पार्टी ने यह भी घोषणा की है कि वह राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन को पत्र लिखकर सातों सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग करेगी. पार्टी का कहना है कि संविधान की दसवीं अनुसूची और दलबदल विरोधी कानून में किसी भी ‘टूटे हुए गुट’ को मान्यता नहीं दी गई है, चाहे उसके साथ दो-तिहाई सदस्य ही क्यों न हों.

राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत साहनी के भाजपा में शामिल होने से राष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है. अब यह मामला केवल दल बदल तक सीमित नहीं, बल्कि वैचारिक संघर्ष और कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है.

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