हाल ही में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक विवादित बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि चार बच्चे पैदा करो और एक स्वयंसेवक संघ को दो. अब फिर से महाराष्ट्र के नागपुर में दिया गया उनका एक और बयान चर्चा का विषय बन गया है.
दरअसल, एक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देश में ‘लव जिहाद’ के मुद्दे को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह विषय पूरे देश में बेहद गंभीर होता जा रहा है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उनके अनुसार, यह एक ‘धीमा जहर’ है जो लगातार फैल रहा है. उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश में एक ही साल में 280 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं, जो चिंता का विषय है.
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उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है बल्कि अन्य राज्यों में भी अपनी जड़ें फैला रही है. उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में भी यह मुद्दा विभिन्न रूपों में सामने आ रहा है. उनके अनुसार, मुंबई और नागपुर जैसे शहरों में भी ‘लव जिहाद’ के आरोपी हमारी बहनों और बेटियों को निशाना बना रहे हैं.
प्रेम और पहचान पर टिप्पणी
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि प्रेम करना गलत नहीं है, लेकिन प्रेम के नाम पर अपनी पहचान, मूल्यों और संस्कृति का उल्लंघन होने देना सबसे बड़ा अपराध है. उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म-विरोधी ताकतें नाम बदलकर और भेष बदलकर लगातार ‘लव जिहाद’ को बढ़ावा दे रही हैं. उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य से ‘सनातनी बेटियों को जागरूक’ करने का प्रयास किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि उनकी प्रार्थना है कि लोग कुछ भी बनें, लेकिन ‘बुर्का पहनने वाली महिला’ न बनें. उन्होंने यह भी कहा कि इस दिशा में जागरूकता फैलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और समाज को सचेत करने की जरूरत है.
कानून और सरकारों से मांग
अपने बयान में उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री, जो “सनातन धर्म के लिए काम करते हैं”, इस विषय पर जरूर ध्यान देंगे और पहले से ही काम कर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने इस मुद्दे पर सख्त कानून लागू किया है. उनके अनुसार, ऐसे कानूनों की जरूरत पूरे देश में है. अंत में उन्होंने देशभर में ‘लव जिहाद’ के खिलाफ सख्त कानून बनाए जाने की मांग दोहराई और कहा कि इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर कठोर कदम उठाए जाने चाहिए.
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