उत्तर प्रदेश समाचार: गाजीपुर पुलिस ने 27 अप्रैल को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के दो हैंडल्स- Congress@INDIndia और समाजवादी पार्टी मीडिया सेल- पर मुकदमा दर्ज किया है. दरअसल, 15 अप्रैल को एक युवती का शव नदी से मिलने के बाद पुलिस ने हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी हरिओम पांडे को गिरफ्तार किया था. इन हैंडल्स ने घटना को लेकर कथित तौर पर निराधार और भ्रामक टिप्पणियां साझा कीं, जिसके कारण गांव में तनाव व्याप्त हो गया. पुलिस ने सार्वजनिक शांति भंग करने और अफवाह फैलाने के आरोप में बीएनएस की धारा 353(2) के तहत यह कानूनी कार्रवाई की है.
क्या है पूरा मामला और पुलिस की कार्रवाई?
गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र में 15 अप्रैल को जमानिया-धम्मारपुर पुल के पास युवती की चप्पल, मोबाइल और गमछा मिला था, जिसके बाद उसका शव नदी से बरामद हुआ. परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने धारा 103(1) (हत्या) के तहत केस दर्ज किया और आरोपी को जेल भेजा.
पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया हैंडल्स गलत जानकारी फैला रहे हैं, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है और शांति व्यवस्था बिगड़ सकती है. पूर्व में सपा डेलिगेशन और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें पुलिसकर्मी समेत कई लोग घायल हुए थे.
सियासी बवाल और पथराव की घटना
इस संवेदनशील मामले ने तब तूल पकड़ा जब 22 अप्रैल को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची समाजवादी पार्टी की डेलिगेशन पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया. इस हमले में पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे, जिसके बाद 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि गांव के प्रधान और सत्ता संरक्षित लोग इस हमले के पीछे हैं, जिसे उन्होंने ‘PDA’ पर हमला करार दिया. अब सपा प्रमुख स्वयं 29 अप्रैल को गांव का दौरा करने वाले हैं.
एक तरफ दौरा, दूसरी तरफ पीएम का कार्यक्रम
जिस दिन यानी 29 अप्रैल को सपा का प्रतिनिधिमंडल गाजीपुर पहुंच रहा है, उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उत्तर प्रदेश के हरदोई दौरे पर रहेंगे. वहां पीएम गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. गाजीपुर में तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है. स्थानीय लोग और परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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