दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रहा इस्लाम, किस पायदान पर हिंदू धर्म? प्यू रिसर्च की रिपोर्ट में खुलासा – Islam is the fastest growing religion in the world after christianity nones and Hinduism ntcprk


दुनिया में मुसलमानों की संख्या अन्य धार्मिक समुदायों की अपेक्षा सबसे अधिक तेजी से बढ़ रही है. प्यू रिसर्च सेंटर की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस्लाम दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला धर्म है. 2010 से 2020 के बीच 10 सालों में मुस्लिम आबादी में 34.7 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, ईसाई धर्म दूसरा सबसे तेजी से बढ़ने वाला धर्म है, उसके बाद उन लोगों का स्थान है जो किसी धर्म में यकीन नहीं करते हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि हिंदू धर्म दुनिया में चौथा सबसे तेजी से बढ़ता हुआ धर्म है.

9 जून को प्रकाशित प्यू की ‘ग्लोबल रिलीजियस लैंडस्कैप ‘ रिपोर्ट में बताया गया है कि जनसंख्या वृद्धि ने दुनिया के धार्मिक परिदृश्य को कैसे प्रभावित किया है. इसमें सात धर्मों या श्रेणियों पर फोकस रखा गया था जिसमें- ईसाई, मुस्लिम, हिंदू, बौद्ध, यहूदी, अन्य धर्म और नास्तिक शामिल थे.

रिपोर्ट में कहा गया है कि मुसलमानों की संख्या में बढ़ोतरी सभी धर्मों की संयुक्त बढ़ोतरी से भी अधिक है और वैश्विक स्तर पर मुस्लिम आबादी का हिस्सा 1.8 प्रतिशत अंक बढ़कर 25.6 प्रतिशत हो गया है.

वहीं, दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समूह ईसाई धर्म इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर है. रिपोर्ट के अनुसार, ईसाइयों की संख्या में 12.2 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है और यह आबादी 2.3 अरब तक पहुंच गई है. हालांकि, दुनिया की आबादी में हिस्से की बात करें तो ईसाई धर्म 1.8 प्रतिशत अंक गिरकर 28.8 प्रतिशत पर आ गया है यानी दुनिया की कुल आबादी में ईसाइयों का हिस्सा 28.8% है. इसके बाद इस्लाम का स्थान है जो दुनिया की आबादी में 25.6% हिस्सा रखता है.

ईसाइयों की संख्या में गिरावट की वजह वो लोग हैं जिन्होंने अपने धर्म का त्याग कर दिया है. सर्वे में कहा गया है कि ईसाई धर्म छोड़ चुके अधिकांश लोग किसी भी धर्म से नहीं जुड़े हैं जबकि कुछ लोगों ने अलग-अलग धर्म अपना लिए हैं.

प्यू के अनुसार, यूरोप, उत्तरी अमेरिका, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में ईसाई धर्म में गिरावट दर्ज की गई है.

दुनिया में बढ़ रही नास्तिकों की संख्या

रिपोर्ट में नोन्स यानि किसी भी धर्म को नहीं मानने वाले लोग तीसरा सबसे बड़ा बढ़ता हुआ ग्रुप है. किसी भी धर्म को न मानने वाले लोगों की संख्या 27 करोड़ से बढ़कर 1.9 अरब हो गई है.

दुनिया की आबादी में किसी भी धर्म को न मानने वाले लोग लगभग एक प्रतिशत बढ़कर 24.2 प्रतिशत हो गए हैं.

चौथे स्थान पर हैं हिंदू धर्म

प्यू की रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंदुओं की संख्या दुनिया की कुल आबादी के बराबर ही बढ़ी है. यह धर्म सबसे तेजी से बढ़ने वाली सूची में चौथे स्थान पर है. रिपोर्ट के अनुसार, हिंदुओं की संख्या में 12.6 करोड़ की वृद्धि हुई है और यह बढ़कर 1.2 अरब तक पहुंच गई है. वैश्विक आबादी के अनुपात के हिसाब से, हिंदू 14.9 प्रतिशत पर स्थिर हैं जो कि 2010 के 15 प्रतिशत की तुलना में मामूली गिरावट है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2010 से 2020 के बीच 10 सालों में यहूदियों की आबादी करीब छह प्रतिशत बढ़ी है – 1.4 करोड़ से बढ़कर यह 1.5 करोड़ हो गई है. 2020 तक, 45.9 प्रतिशत यहूदी इजरायल में रहते थे जो कि किसी भी देश में सबसे अधिक यहूदी आबादी है. इसके बाद उत्तरी अमेरिका में 41.2 प्रतिशत यहूदी रहते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, बौद्ध धर्म एकमात्र ऐसा धार्मिक समूह है जिसकी संख्या 2020 में एक दशक पहले की तुलना में कम रही. दुनिया में बौद्धों की संख्या में 0.8 प्रतिशत की गिरावट आई है.

मुसलमानों की आबादी में बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2020 में मुसलमानों की आबादी में बच्चों का अनुपात सबसे ज्यादा था. दुनिया भर में 33 प्रतिशत मुसलमान 15 साल से कम उम्र के हैं. हर 10 में से चार 15 साल से कम उम्र का मुसलमान सब सहारा अफ्रीका और मध्य पूर्व-उत्तरी अफ़्रीका क्षेत्र में रहता है. यानी ये दो जगह अपेक्षाकृत युवा मुस्लिम आबादी वाली जगहें हैं.

यहूदियों और बौद्धों में वृद्ध लोगों का अनुपात सबसे ज्यादा है – प्रत्येक समूह में 36 प्रतिशत लोग 50 साल या उससे अधिक उम्र के हैं.



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