Kashi Vishwanath Temple: काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने सोशल मीडिया पर बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव का एक वीडियो वायरल होने के बाद जांच के आदेश दिये हैं. यह वीडियो कथित तौर पर मंदिर के प्रतिबंधित ‘रेड जोन’ में बनाया गया. व्यवस्था से जुड़े लोगों के अनुसार ‘रेड जोन’ का मतलब काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के भीतर का क्षेत्र है, जिसमें मंदिर परिसर भी शामिल है. ‘रेड जोन’ में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं है.
Kashi Vishwanath Temple: काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर से तेज प्रताप यादव की वायरल रील पर काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्रा ने कहा, “मंदिर के अंदर का क्षेत्र प्रतिबंधित क्षेत्र है. वहां कोई मोबाइल फोन या कैमरा नहीं ले जा सकता. हालांकि, हम वीआईपी और भक्तों के अनुरोध पर उनकी तस्वीरें उपलब्ध कराते हैं. मंदिर का कैमरामैन तस्वीरें खींचता है. संज्ञान में आया है कि एक राजनीतिक व्यक्ति ने वहां जाकर रील बनाई. चूंकि सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस और सीआरपीएफ की है, इसलिए दोनों के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है कि वे जांच करें और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई करें और सुनिश्चित करें कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.”

#घड़ी | गाजियाबाद, यूपी | काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर से, कशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ, विश्वस विश्वप मंदिर के वायरल रील पर, विश्व भीशान मिशरा, विश्व -भूषण मिश्रा कहते हैं, “मंदिर के अंदर का क्षेत्र एक प्रतिबंधित क्षेत्र है। कोई मोबाइल फोन या कैमरा नहीं ले सकता है। हालांकि, हम … हालांकि, हम। pic.twitter.com/qatugv0ndl
– वर्ष (@ani) 14 जून, 2025
संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी : विश्व भूषण मिश्रा
काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने कहा, ‘‘मामले की गहन जांच करने और संबंधित एजेंसी के जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और स्थानीय पुलिस प्रशासन को सूचना भेज दी गई है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘दोनों एजेंसियों से मंदिर परिसर में निर्धारित नियमों और दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है.” मिश्रा ने कहा, “उनकी जांच सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की प्रामाणिकता की भी पुष्टि करेगी और दोषी पाये जाने वाले किसी भी व्यक्ति की पहचान करेगी। यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.’’


