इजरायल ने ईरान के परमाणु, सैन्य और तेल-गैस ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिसे “ऑपरेशन राइजिंग लायन” नाम दिया गया. जवाब में, ईरान ने 14 जून 2025 को इजरायल पर 100 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे. इन हमलों का एक अनोखा नज़ारा एक वाणिज्यिक हवाई जहाज से कैप्चर हुआ, जो उस समय आसमान में था. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें ईरानी मिसाइलें आसमान में उड़ती हुई दिख रही हैं.

ईरानी मिसाइलों की बारिश का यह वीडियो एक अनोखा नज़ारा है, जो दिखाता है कि कैसे आधुनिक युद्ध आसमान में लड़ा जा रहा है. इजरायल की रक्षा प्रणालियां ज्यादातर मिसाइलों को नष्ट करने में सफल रहीं, लेकिन कुछ मिसाइलें लक्ष्य तक पहुंचीं. यह वीडियो न केवल सैन्य रणनीति की झलक देता है, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता पर इसके असर को भी दर्शाता है. भारत को अपनी तटस्थ कूटनीति और तेल आपूर्ति के वैकल्पिक रास्तों पर ध्यान देना होगा.

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क्या हुआ?

ईरान ने इजरायल के तेल अवीव, यरूशलम और डिमोना परमाणु रिएक्टर को निशाना बनाया. इन मिसाइलों में फतह-1, फतह-2, खोरमशहर-4, इमाद और कद्र जैसी बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल थीं. इनमें से कुछ मिसाइलें हाइपरसोनिक थीं, जो 13–15 मैक (15,000–18,500 किमी/घंटा) की रफ्तार से उड़ती हैं. इजरायल की रक्षा प्रणालियों, जैसे आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग और एरो-2/3 ने 99% मिसाइलों को नष्ट कर दिया, लेकिन कुछ मिसाइलें लक्ष्य तक पहुंचीं.

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इसी दौरान, एक हवाई जहाज जो दुबई के ऊपर उड़ान भर रहा था, उसमें बैठे किसी यात्री ने इन मिसाइलों को आसमान में उड़ते हुए कैप्चर किया. यह वीडियो 105.97 सेकंड लंबा है. इसमें मिसाइलों की चमकदार धारियां सूर्यास्त के समय आसमान में दिख रही हैं. वीडियो में कुल 16 फ्रेम्स हैं, जो 0.00 सेकंड से 121.87 सेकंड तक के अंतराल में लिए गए हैं. इन फ्रेम्स में मिसाइलें अलग-अलग कोणों से दिख रही हैं, जैसे वे इजरायल की ओर बढ़ रही हैं.

विमान ईरानी मिसाइल हमले को पकड़ता है

फैक्ट्स और आंकड़े

  • मिसाइलों की संख्या: ईरान ने इजरायल पर 100 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसमें फतह-1, फतह-2, खोरमशहर-4, इमाद और कद्र शामिल थीं.
  • गति: इन मिसाइलों की गति 6–15 मैक (4,600–18,500 किमी/घंटा) थी, जो उन्हें रक्षा प्रणालियों के लिए चुनौतीपूर्ण बनाती हैं.
  • रेंज: इन मिसाइलों की रेंज 1,200–2,000 किमी थी, जो इजरायल तक पहुंचने के लिए पर्याप्त थी.
  • इजरायल की रक्षा: इजरायल की आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग और एरो-2/3 प्रणालियों ने 99% मिसाइलों को नष्ट कर दिया। केवल 1% मिसाइलें लक्ष्य तक पहुंचीं, जहां 17 जगहों पर नुकसान हुआ.
  • प्लेन की ऊंचाई: वीडियो कैप्चर करने वाला प्लेन लगभग 35,000 फीट (10,668 मीटर) की ऊंचाई पर था, जो मिसाइलों की गति और दिशा को स्पष्ट रूप से दिखा रहा था.
  • समय: हमले रात 11:30 बजे (ईस्टर्न टाइम) हुए, जब सूर्यास्त हो रहा था, जिससे मिसाइलें चमकदार धारियों में दिखीं.

प्लेन से कैप्चर किए गए वीडियो की अहमियत

यह वीडियो न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे आधुनिक युद्ध आसमान में लड़ा जा रहा है। प्लेन से कैप्चर किए गए फुटेज में मिसाइलों की गति, दिशा और संख्या स्पष्ट दिख रही है. यह वीडियो इजरायल और ईरान के बीच तनाव की गंभीरता को दर्शाता है.



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