बिहार पर्यटन: बिहार में सरकार की ओर से पर्यटन को बढ़ावा देने को लेकर कई कदम उठाए जा रहे हैं. कई खास जगहों को विकसित किया जा रहा ताकि, अन्य राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी पर्यटक बिहार पहुंचे. ऐसे में बिहार के भागलपुर के कहलगांव में स्थित बाबा बटेश्वर स्थान बेहद ही खास माना जाता है. यहां केवल बिहार या फिर देश के अन्य राज्य ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग पहुंचते हैं. दरअसल, इस मंदिर का मनोरम दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करता है. बता दें कि, इस मंदिर का अपना अलग ही बेहद खास इतिहास रहा है. इसके साथ ही गंगा नदी के बीच पहाड़ों पर बसे इस मंदिर की खास मान्यता भी है.
पर्यटन की दृष्टि से किया जायेगा विकसित
फिलहाल, इस मंदिर का पर्यटन के नजरिये से विकास होने वाला है. बता दें कि, कई परियोजनाओं पर जिले में काम चल रहा है. ऐसे में बाबा बटेश्वर स्थान को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का फैसला लिया गया है. जिसके बाद इस मंदिर में आने वाले लोगों को कई सुविधाएं भी दी जाएगी. खबर की माने तो, बस परिवहन निगम की ओर से बस चलाने की तैयारी भी की जा रही है. इसको सर्किट के रूप में तैयार किया जा रहा है. जिससे बटेश्वर, विक्रमशिला पुरातत्व स्थल और तीनपहाड़ को एक ही दिन घूम सकेंगे. इसके साथ ही मंदिर के पास में व्यू पॉइंट भी बनाया जा रहा है जहां से लोग गंगा नदी के साथ-साथ मंदिर के मनोरम दृश्य का दीदार कर सकेंगे.
मंदिर की क्या है खासियत ?
बता दें कि, गंगा नदी के बीचोबीच बाबा बटेश्वर स्थान भागलपुर शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित है. कहा जाता है कि, इस मंदिर में आपरूपी भगवान भोले हैं. यहां तक कि, ऋषि मुनियों के तपस्या स्थल भी इन्हीं पहाड़ों में है. हालांकि, पुरातत्व विभाग की ओर से सुरक्षा को देखते हुए ताला जड़ दिया गया है. यह भी कहानी प्रचलित है कि, भगवान राम के गुरु वशिष्ठ जी ने भी यहां तपस्या किये थे और उन्हीं के नाम पर इनका नाम भी बटेश्वर स्थान पड़ा. इसके साथ ही एक और बेहद ही खास बात यह है कि, देशभर में मात्र एक यही मंदिर जहां भगवान शिव के सामने मां काली हैं. ऐसे में यह नजारा भी लोगों को बेहद आकर्षित करता है.
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