अमेरिका के बंकर-बस्टर बम ईरान के अत्यधिक सुरक्षित परमाणु संयंत्र को निशाना बना सकते हैं. ऐसा अनुमान इसलिए लगाया जा रहा है, क्योंकि अमेरिका से 6 बी-2 स्टेल्थ फाइटर जेट ने उड़ान भरी है.

फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और हवाई यातायात नियंत्रण के ऑडियो कम्युनिकेशन के अनुसार, अमेरिका के मिसौरी स्थित व्हाइटमैन वायुसेना अड्डे से 6 बी-2 स्टेल्थ बमवर्षक विमान गुआम स्थित अमेरिकी वायुसेना अड्डे की ओर जाते हुए दिखे हैं.

बिना ईंधन के ऊड़े थे बी-2 बॉम्बर
इन बी-2 स्टेल्थ बॉम्बर ने मिसौरी से उड़ान भरने के बाद प्रशांत महासागर के ऊपर ईंधन भरा था. इससे यह संकेत मिलता है कि वे ईंधन टैंक के बिना उड़े थे, क्योंकि विमान में भारी मात्रा में पेलोड था. इससे यह संभावना जताई  जा रही है कि इन विमानों में भारी-भरकम बंकर-बस्टर बम हो सकते हैं.

एक बी-2 बॉम्बर में दो बंकर बस्टर ले जाने की है क्षमता
एक बी-2 स्टेल्थ फाइटर जेट 15 टन के दो बंकर-बस्टर बम ले जा सकता है. ये बंकर बम  केवल अमेरिका के पास है. विशेषज्ञों का कहना है कि ये बम ईरान के सबसे ज्यादा मजबूत परमाणु स्थल फ़ोर्डो को निशाना बनाने के लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकते हैं. क्योंकि, उसे सिर्फ बंकर बस्टर बम ही तबाह कर सकता है और ये सिर्फ अमेरिका के पास है. वहीं इजरायल को इस वक्त बंकर बस्टर बम की सख्त जरूरत है.

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ट्रंप ने दो सप्ताह के अंदर निर्णय लेने की कही थी बात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि ईरान पर हमले को लेकर विचार कर रहे हैं. ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत के लिए आना होगा. ट्रंप ने गुरुवार को कहा था कि वह ईरान पर हमले के लिए दो सप्ताह के अंदर निर्णय लेंगे कि इसके लिए आदेश दें या नहीं. वहीं इजरायल ने साफ कर दिया है कि फोर्डो के दुर्गम इलाके में हमले के लिए अमेरिका आता है तो ठीक नहीं तो वो अकेले ही कार्रवाई करेगा.



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