अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जून को ईरान पर हमला करने या न करने का फ़ैसला करने के लिए ‘दो हफ़्ते’ का समय मांगा था. लेकिन इसके दो दिन के भीतर ही रविवार को अमेरिकी विमानों ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर सुपर बम गिरा दिए. अमेरिका को अपनी सैन्य कार्रवाई में जल्दबाजी करने के लिए किस बात ने प्रेरित किया? सैटेलाइट तस्वीरों से इसके कुछ सुराग मिलते हैं.

फोर्डो साइट की सैटेलाइट तस्वीरें

ईरान के तीनों परमाणु ठिकानों में से राजधानी तेहरान से करीब 120 किमी साउथ-वेस्ट में स्थित फोर्डो यूरेनियम एनरिचमेंट सेंटर सबसे अहम परमाणु ठिकाना है, क्योंकि यह एक पहाड़ से 80-90 मीटर नीचे स्थित है.

अमेरिकी कंपनी मैक्सार टेक्नोलॉजीज की तरफ इंडिया टुडे की ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम को मुहैया कराई गई हाई-रिज़ॉल्यूशन वाली सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि 19 और 20 जून को फोर्डो न्यूक्लियर साइट पर असामान्य जमीनी गतिविधियां हुईं.

19 जून को 16 कार्गो ट्रकों के काफिले को फैसिलिटी के टनल एंट्री गेट की ओर जाने वाली सड़क पर तैनात किया गया था. 20 जून को बाद की तस्वीरों से पता चला कि ज्यादातर ट्रक सड़क के साथ लगभग एक किलोमीटर नॉर्थ-वेस्ट में फिर से तैनात हो गए थे.

हालांकि मेन गेट के पास अतिरिक्त ट्रक और कई बुलडोजर दिखाई दिए, जिनमें से एक ट्रक मेन टनल के एंट्री गेट के ठीक बगल में खड़ा था.

13 जून को जब से इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले शुरू किए हैं, तब से फोर्डो फैसिलिटी की कई हाई-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरें ली गई हैं और विशेषज्ञों ने उनका विश्लेषण किया है. लेकिन, इनमें से किसी भी तस्वीर में हाल ही की तस्वीरों को छोड़कर, ज़मीन पर कुछ भी असामान्य नहीं दिखा.

ईरान में सैन्य गतिविधियां

ऐसा लगता है कि अमेरिका ने अपनी मिलिट्री एसेट के मूवमेंट में तेजी लाकर एक पर्दा तैयार कर दिया है, जिससे ऑब्जर्वर्स यह अनुमान लगाने लगे हैं कि रविवार रात से पहले कोई सैन्य कार्रवाई नहीं हो सकती.

सार्वजनिक रूप से उपलब्ध फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा, साथ ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल ऑडियो से पता चला है कि शनिवार को अमेरिका के मिसौरी राज्य में व्हाइटमैन एयर फ़ोर्स बेस से बी-2 बॉम्बर्स की कम से कम दो अलग-अलग फ्लाइट रवाना हुईं और प्रशांत महासागर के पार पश्चिम की ओर बढ़ गईं. उन्हें कई एयर फ्यूल भरने वाले टैंकरों ने मदद भी पहुंचई. व्हाइटमैन अमेरिकी वायु सेना के 19 बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स फ्लीट का ऑपरेटिंग बेस है. द वॉर ज़ोन की रिपोर्ट के मुताबिक, बॉम्बर्स बाद में कैलिफ़ोर्निया के तट से दूर अतिरिक्त टैंकरों से जुड़ गए.

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व्हाइटमैन से उड़ान भरने वाले बी-2 को वेस्ट एशिया तक पहुंचने में ज्यादा टाइम लगा होगा, जो दर्शाता है कि रविवार की सुबह ईरान में तैनात बॉम्बर्स को संभवतः यूरोपीय बेस या डिएगो गार्सिया द्वीप पर स्थित यूएस-यूके संयुक्त बेस से ले जाया गया था. यह भी संभव है कि पहले से ले जाए गए बी-2 विमानों का एक अलग ग्रुप इस ऑपरेशन में शामिल था.

अमेरिका ने गिराए बंकर बस्टर बम

रविवार सुबह-सुबह, अमेरिकी बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स ने 13,600 किलोग्राम के GBU-57A/B मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर (MOP) बंकर बस्टर बम गिराए जो ब्लास्ट से पहले 200 फीट की मजबूत कंक्रीट को भेद सकते हैं. अमेरिका की तरफ से फोर्डो, नतांज और इस्फहान में परमाणु ठिकानो को निशाना बनाया गया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जून को कहा कि वह दो सप्ताह के भीतर तय करेंगे कि ईरान पर हमला करने में इजरायल के साथ शामिल होना है या नहीं. अमेरिकी हमले दो दिन के भीतर हुए, जो दिखाता है कि ईरान को अपनी परमाणु संपत्ति को अज्ञात स्थानों पर ट्रांसफर करने से रोकने के लिए अमेरिका ने अपनी कार्रवाई में तेज़ी लाई होगी.

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अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAE) के मुताबिक ईरान ने फोर्डो प्लांट में यूरेनियम को 83.7 प्रतिशत शुद्धता तक एनरिच किया है, जो परमाणु बम बनाने के लिए जरूरी 90 प्रतिशत शुद्धता से कुछ ही कम है.



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