बिहार समाचार: बिहार के सीतामढ़ी जिले के गन्ना किसानों के लिए एक खुशखबरी है. बात यह है कि वर्षों से लंबित गन्ना के पैसे का भुगतान का रास्ता साफ हो गया है. इस भुगतान के लिए किसानों और किसान संगठनों ने धरना दिया था. साथ ही विभिन्न स्तरों पर न जाने कितनी बार आवेदन दिए थे. अब किसानों को उनके गन्ना का भुगतान मिल जायेगा. विभाग की पहल पर भुगतान के लिए डीएम रिची पांडेय ने ठोस कदम उठाया गया है.

डीएम ने किया टीम गठित

बता दें कि डीएम की तरफ से इस पूरी समस्या के समाधान के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है. इस टीम में गन्ना अधिकारी, मुजफ्फरपुर सौरभ कुमार सिन्हा, एसडीसी निशिकांत और रीगा चीनी मिल के वरीय गन्ना प्रबंधक अमरेंद्र कुमार सिंह शामिल हैं. जानकारी मिली है कि तीन वित्तीय वर्षों का गन्ना का मूल्य बकाया है. जिसके तहत करीब 16654 किसानों का 51.30 करोड़ बकाए का मामला सामने आया है.

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डीबीटी के माध्यम से होगा भुगतान

इस मामले के संबंध में डीएम पांडेय ने कहा है कि गन्ना आयुक्त द्वारा रीगा चीनी मिल से जुड़े किसानों के वर्षों के लंबित गन्ना मूल्य का भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में भेजने को कहा गया है. विभाग से डीएम को संबंधित गन्ना किसानों के नामों और बकाए राशि की सूची उपलब्ध कराई गई है. डीएम ने डीएओ को किसानों का सत्यापन कराने की जिम्मेवारी सौंपी है. उन्हें प्रखंडवार कृषि समन्वयक एवं कृषि सलाहकार से उक्त सूची का सत्यापन कराकर गठित समिति को एक सप्ताह के अन्दर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.

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