उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रसड़ा कस्बे के रहने वाले पांच लोग धार्मिक यात्रा के सिलसिले में ईरान गए थे, लेकिन अब वे वहां फंसे हुए हैं. उनके परिजनों ने केंद्र सरकार से उनकी सुरक्षित वापसी के लिए मदद की अपील की है.

होटल में फंसे हैं भारतीय
परिजनों के मुताबिक, सैयद असद अली बकर, सैयद मोहम्मद मुर्तजा हुसैन, सैयद मोहम्मद, शमा जहान और सैयद नजमुसकिब नामक पांच लोग 25 मई को इराक होते हुए ईरान पहुंचे थे. वर्तमान में ये सभी तेहरान के एक होटल में सुरक्षित हैं, लेकिन ईरान-इजराइल के बीच जारी संघर्ष के कारण उनकी वापसी मुश्किल हो गई है.

रसड़ा के रहने वाले आतिफ ने बताया कि उनके परिवार के लोग पहले इराक गए थे, फिर ईरान पहुंचे. उनके साथ गए एक अन्य व्यक्ति मसिउर रहमान 7 जून को ही इराक से भारत लौट आए, लेकिन बाकी पांच लोग अब भी तेहरान में फंसे हैं.

सांसद ने लिखा पत्र
परिवार वालों ने कहा कि एयर सर्विस बंद होने के चलते उन्हें फिलहाल वापसी की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है. इसी बीच, बलिया के सांसद सनातन पांडेय ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर इन पांचों लोगों की सुरक्षित घर वापसी के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है.

उधर, उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के देवा थाना क्षेत्र के नई बस्ती घेरी गांव के लोग भी अपने प्रियजनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, जो इजराइल में मजदूरी कर रहे हैं और युद्ध के चलते वहां बंकरों में रह रहे हैं.

इजराइल में भी फंसे भारतीय
ओंकार सिंह, जिनके भाई मोनू सिंह इजराइल में फंसे हैं, उन्होंने बताया कि वे हर सुबह-शाम बात करते हैं और मोनू बंकर से मिसाइलों के वीडियो भेजते हैं. वहीं, बब्लू, जो 14 महीने से इजराइल में काम कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि जैसे ही सायरन बजता है, सभी लोग बंकर में चले जाते हैं, जहां खाने-पीने की व्यवस्था है.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी केंद्र सरकार से अपील की है कि विशेष विमान भेजकर विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाया जाए.



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