Odisha Crime – पशु तस्करी के शक में दो दलितों की बर्बर पिटाई, आधा सिर मुंडवाया, घास खाने पर किया मजबूर – Two Dalit men beaten half tonsured and forced to eat grass over cattle transport in Ganjam district Odisha opnm2


ओडिशा के गंजाम जिले में दो दलितों के साथ दरिंदगी की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहां पशु तस्करी के शक में कुछ लोगों ने दो व्यक्तियों के सिर के बाल काट दिए. उनकी बेरहमी से पिटाई की गई. इतना ही नहीं, उन्हें घुटनों के बल चलने और घास खाने पर मजबूर किया गया. पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए छह लोगों को हिरासत में लिया है.

गंजम के एसपी सुवेंदु कुमार पात्रा ने बताया कि यह घटना रविवार को धारकोटे पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत खारीगुम्मा गांव के जाहदा में हुई. इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला संज्ञान में आया. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया. छह आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ितों की पहचान सिंगीपुर के बाबुला नायक (54) और बुलू नायक (42) के रूप में हुई है. दोनों दो गायों और एक बछड़े को हरिउर से अपने गांव ले जा रहे थे. रास्ते में खारीगुम्मा में ‘गौरक्षकों’ के एक समूह ने उन्हें पकड़ लिया. उन पर पशु तस्कर होने का आरोप लगाया गया. उन्हें छोड़ने के एवज में कथित रूप से 30 हजार रुपए की मांग की गई.

पीड़ितों ने जब पैसे देने से इनकार कर दिया, तो उनके साथ बर्बरता की गई. उन्हें पीटा गया और अपमानजनक व्यवहार किया गया. आरोपियों ने उन्हें एक सैलून में ले जाकर उनके आधे सिर को मुंडवा दिया. इसके बाद उन्हें घुटनों के बल एक किलोमीटर से ज्यादा घसीटने के लिए मजबूर किया गया. आरोपियों का मन इससे भी नहीं भरा, तो उन्होंने पीड़ितों को घास खिलाई और नाले का पानी पिलाया.

बताया जा रहा है कि पीड़ित किसी तरह भीड़ के चंगुल से भागने में कामयाब रहे. इसके बाद रविवार शाम को धारकोटे पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई. उनके मुताबिक, बाबुला की बेटी की शादी होने वाली है. उसमें वर पक्ष को देने के लिए गायें खरीदी गई थीं. इसलिए वे दोनों उन्हें लेकर अपने गांव जा रहे थे, तभी उन्हें रोक लिया गया.

पुलिस ने सोमवार को छह लोगों को हिरासत में लिया है. इस घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है. पीड़ितों का धारकोटे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि हमलावर जबरन वसूली करना चाहते थे. उनका पशु तस्करी रोकने जैसा कोई उद्देश्य नहीं था. उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

गंजम जिला दलित महासंघ के संयोजक संग्राम नायक ने कहा कि हम इस क्रूर जाति-आधारित हिंसा की निंदा करते हैं. इन अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा. पूर्व पीसीसी प्रमुख निरंजन पटनायक ने कहा, “मेरा दिल टूट गया है. दो दलितों को प्रताड़ित किया गया है. उनके साथ बर्बरता की गई है. इस मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.”





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