कांग्रेस नहीं आम आदमी पार्टी को विकल्प के तौर पर देख रही है देश की जनता


Kejriwal: दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की हार के बाद ऐसी संभावना जतायी जा रही थी कि आने वाला समय पार्टी के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला है. दिल्ली चुनाव में आप के अधिकांश दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा था. इस हार के बाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल कई दिनों तक सार्वजनिक मंच से गायब रहे. लेकिन इस दौरान केजरीवाल पार्टी संगठन को मजबूत करने के काम में जुटे रहे. इसी का नतीजा है कि पार्टी लुधियाना पश्चिम और गुजरात की विसवादार विधानसभा उपचुनाव जीतने में कामयाब रही. इस जीत के बाद आम आदमी पार्टी काफी उत्साहित है. पंजाब और गुजरात में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होना है.

पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है, जबकि गुजरात में पिछले तीन दशक से भाजपा की सरकार है. आम आदमी पार्टी को उम्मीद है कि गुजरात के उपचुनाव के नतीजे से राज्य में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं और आम आदमी पार्टी को लोग पसंद कर रहे है. बुधवार को उपचुनाव में मिली जीत पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुजरात की जनता भाजपा सरकार से परेशान है और वहां के लोग बदलाव चाहते हैं. उपचुनाव के नतीजे इस ओर इशारा कर रहे हैं. पहले लोग कहते थे कि राजनीति अच्छे लोगों के लिए नहीं है, लेकिन आम आदमी पार्टी ने इस धारणा को तोड़ने का काम किया है.

भाजपा का विकल्प सिर्फ आम आदमी पार्टी

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब और गुजरात के उपचुनाव में पिछली बार के मुकाबले पार्टी उम्मीदवार अधिक मतों से जीतने में कामयाब रहे हैं. पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी सरकार के कामकाज से काफी खुश है. ऐसा लगता है कि आने वाले चुनाव में पंजाब में आम आदमी पार्टी पिछली बार के मुकाबले अधिक सीटों पर चुनाव जीतने में कामयाब होगी. वहीं गुजरात में भी लोगों ने बदलाव का मन बना लिया है. लोकतंत्र में जब जनता सरकार के खिलाफ खड़ी हो जाती है तो बड़े से बड़े नेताओं को हार का सामना करना पड़ता है. उपचुनाव के नतीजे से साफ है कि गुजरात की जनता के पास विकल्प नहीं था. अब आप विकल्प बनकर सामने आयी है.

गुजरात के लोग आम आदमी पार्टी को आशा की नजर से देख रहे है. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस कभी भाजपा का विकल्प नहीं बन सकती है. गुजरात में कांग्रेस ही भाजपा की जीत का रास्ता तैयार करती है. गुजरात में कांग्रेस के कई विधायक भाजपा में शामिल हो गए, जबकि आम आदमी पार्टी का एक भी विधायक भाजपा के साथ नहीं जुड़ा. उपचुनाव के नतीजों से साफ है कि देश के लोगों में कांग्रेस के प्रति खास दिलचस्पी नहीं है. कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व भाजपा के साथ मिला हुआ है.

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