ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति के नए उपनाम का जिक्र करते हुए इजरायल पर जोरदार तंज कसा है. अब्बास अराघची ने कहा कि इजरायल के पास ईरानी मिसाइलों से बचने के लिए ‘डैडी’ के पास भागने के अलावा कोई चारा नहीं था.
शनिवार को एक पोस्ट में अराघची ने ट्रंप से यह भी कहा कि अगर अमेरिका ईरान के साथ परमाणु समझौता करने के बारे में गंभीर है तो उन्हें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के प्रति “अपमानजनक लहजे” का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए.
ईरान के मंत्री ने तेल अवीव को चेतावनी दी कि तेहरान अपनी “असली ताकत” को उजागर करने में संकोच नहीं करेगा. इससे यह पता चलता है कि इस सप्ताह के शुरू में लागू हुआ युद्धविराम किस हद तक नाजुक है.
विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्वीट किया, “महान और शक्तिशाली ईरानी लोग, जिन्होंने दुनिया को दिखाया कि इजरायली शासन के पास हमारी मिसाइलों से बचने के लिए ‘डैडी’ के पास भागने के अलावा कोई विकल्प नहीं था, वे धमकियों और अपमानों को बर्दाश्त नहीं करते. अगर भ्रम से बड़ी गलतियां होती हैं तो ईरान अपनी वास्तविक क्षमताओं का खुलासा करने में संकोच नहीं करेगा जो निश्चित रूप से ईरान की शक्ति के बारे में किसी भी भ्रम को समाप्त कर देगा.”
बता दें कि हाल ही में नीदरलैंड में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान नाटो महासचिव मार्क रूटे ने ईरान और इजरायल के खिलाफ कठोर भाषा का इस्तेमाल करने के लिए ट्रम्प को “डैडी” कहा था.
यह मार्क रूटे द्वारा ट्रम्प की ओर से लाइव टीवी पर एफ-शब्द का इस्तेमाल करने का संदर्भ था, क्योंकि सीजफायर के तुरंत बाद ईरान और इजरायल ने एक दूसरे पर मिसाइलों से हमला किया था.
सर्वोच्च नेता के प्रति अपमानजनक लहजे से बचें
अराघची ने ट्रम्प को ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रति “अपमानजनक और अस्वीकार्य लहजे” का इस्तेमाल करने और इस तरह उनके “लाखों सच्चे अनुयायियों” को ठेस पहुंचाने के लिए भी चेतावनी दी.
अराघची ने कहा, “अगर राष्ट्रपति ट्रम्प वाकई डील चाहते हैं, तो उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता ग्रैंड अयातुल्ला खामेनेई के प्रति अपमानजनक और अस्वीकार्य लहजे को छोड़ देना चाहिए और उनके लाखों सच्चे समर्थकों को ठेस पहुंचाना बंद कर देना चाहिए.”
विदेश मंत्री अराघची का ये बयान तब आया है जब एक दिन पहले ही ट्रंप ने अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि उन्होंने अयातुल्ला अली खामेनेई को मारे जाने से बचाया था. तब ट्रंप ने कहा था कि ईरान के सुप्रीम लीडर ने कृतघ्नता दिखाई है.
एक दिन पहले ट्रंप ने पोस्ट किया था, “”मुझे ठीक-ठीक पता था कि वह कहां छिपा हुआ था और मैं इजरायल या दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे शक्तिशाली अमेरिकी सेना को उसकी जान नहीं लेने दूंगा.”
ट्रंप ने कहा था, “मैंने उसे एक बहुत ही बदसूरत और अपमानजनक मौत से बचाया और उसे धन्यवाद मिस्टर प्रेसिडेंट कहने की जरूरत नहीं है.”
अमेरिका-ईरान वार्ता
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि वह हाल ही में ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने पर विचार कर रहे थे जो तेहरान लीडरशिप की एक प्रमुख मांग थी.
ट्रंप ने ईरान से परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने के लिए कहा और लिखा, “लेकिन नहीं, इसके बजाय मुझे क्रोध, घृणा और नफरत भरे बयानों से निशाना बनाया गया और मैंने प्रतिबंधों में राहत और अन्य सभी काम तुरंत बंद कर दिए.”
इस बीच ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया है कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ अपने परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता फिर से शुरू करेगा.
गौरतलब है कि अमेरिका द्वारा ईरान के तीन न्यूक्लियर साइट फोर्डो, इस्फहान और नतांज पर हमला करने के बाद ही ईरान और इजरायल के बीच युद्धविराम हुआ.

