राज्य ऋण

‘रेवड़ी’ की राजनीति, खाली होती तिजोरी… क्या मुफ्तखोरी के चक्कर में रुक रहा विकास का पहिया? – india freebies economy impact state subsidy debt revdi culture analysis ntc drmt

भारत में एक पुरानी कहावत है कि ‘मुफ्त की चीज सबको भाती है’, लेकिन जब ये मुफ्तखोरी सरकारी खजाने पर भारी पड़ने लगे, तो ये एक गंभीर आर्थिक चिंता का…