Bina Kalinga Vijay Ke

Book Review – युद्ध और हत्या का सांस्कृतिक विकल्प: यतीन्द्र मिश्र का संग्रह ‘बिना कलिंग विजय के’ – Book review of Yatindra Mishra’s latest collection of poems ‘Bina Kalinga Vijay Ke’ by Vinay Kumar

कलिंग विजय एक भयानक ऐतिहासिक स्मृति है – क्रूरता की पराकाष्ठा और वीभत्सता की अति. इसका मानस-बिम्ब ढाई हज़ार साल पहले के हथियारों, बहते हुए रक्त, दंभ से भरे जयघोष…