बीते सोमवार को नोएडा वेतन वृद्धि और बेहतर कामकाजी माहौल की मांग को लेकर निजी कंपनियों के कर्मचारियों का आंदोलन तेज रहा. स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा एक्शन लिया और एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया था. मुख्यमंत्री की इसी कमेटी ने आज प्रेस वार्ता कर कई बातें साफ की हैं.
‘हरियाणा से शुरू हुई और फैल गई फेक सूचना’
इसमें कहा गया है कि नोएडा के कर्मचारियों को लेकर एक फेक सूचना चली है कि केंद्र सरकार ने सबको 20 हजार वेतन के आदेश दिए हैं. यह झूठी बात हरियाणा से शुरू हुई और एनसीआर में फैल गई.
उन्होंने आगे बताया कि हमने सोमवार को एक बैठक की जिसमें दोनों पक्षों को बुलाया गया. वर्कर्स का कहना है कि महंगाई बहुत बढ़ गई है लेकिन सैलरी नहीं बढ़ी है.
‘हर जगह कॉस्ट ऑफ लिविंग अलग है तो…’
पहले पूरे प्रदेश के लिए एक फ्लैट रेट होता था. लेकिन अब हर जगह कॉस्ट ऑफ लिविंग अलग- अलग है. इसलिए तीन कैटरीगरी बनाई गई हैं. कमेटी ने यह रिकमंड किया है कि नोएडा – गाजियाबाद के लिए एक और अन्य जिलों के लिए कॉस्ट ऑफ लिविंग अलग है. ऐसे में उसी हिसाब से वेतन में बदलाव किए गए हैं. हमें श्रमिक को भी बचाना है और उद्योग को भी बचाना है. इसलिए श्रमिक और उद्योग वालों के लिए बीच का रास्ता निकाला जा रहा है ताकि किसी को नुकसान ना हो.
सोमवार को दिखा प्रदर्शनकारियों का आक्रोश
बता दें कि कई दिनों से जारी धरने के बाद सोमवार प्रदर्शनकारियों का आक्रोश बढ़ गया था, जिसके चलते सेक्टर-60 और 62 के आसपास भारी जाम की स्थिति बन गई. ट्रैफिक प्रभावित होने से ऑफिस जाने वालों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, वहीं इस दौरान कुछ वाहनों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं.
इस सब के बाद प्रदेश सरकार ने देर रात न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी भी की है. अंतरिम वेतन वृद्धि के नए आदेश 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. इसमें अलग-अलग श्रेणियां में अधिकतम करीब 3000 तक इजाफा हुआ है.
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