उत्तर प्रदेश के चंदौली से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. यहां पढ़ने के लिए स्कूल गए एक ही परिवार के तीन बच्चे स्कूल से घर वापस नहीं लौटे. पहले तो परिजनों ने खुद ही इन बच्चों को ढूंढने की काफी कोशिश की लेकिन, जब 24 घंटे बाद भी इन बच्चों की जानकारी नहीं मिली तो थक हार कर थाने पहुंचे और पुलिस में लापता हो जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई. लापता हुए बच्चों में दो लड़के सगे भाई हैं. जबकि 14 साल की एक लड़की उनकी मौसेरी बहन है. उधर पुलिस इस मामले में जांच पड़ताल कर रही है और बच्चों की तलाश के लिए कई टीमों को लगाया गया है.
दरअसल चंदौली के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के सर्कस रोड मोहल्ले के रहने वाले आबिद सिद्दकी के सात साल और पांच साल उम्र के दो लड़के और उनके साढ़ू नवाब सिद्दीकी की 14 साल की बेटी कल यानी कि सोमवार को मोहल्ले में ही स्थित एक कान्वेंट स्कूल में पढ़ने के लिए गए थे. लेकिन स्कूल की छुट्टी होने के बावजूद घर वापस नहीं लौटे. परिवार वालों ने जब स्कूल जाकर पता किया तो पता चला कि बच्चे स्कूल की छुट्टी होने के बाद घर के लिए निकल गए थे.
बच्चों के लापता होने से परिवार है परेशान
तीनों बच्चों के लापता होने की खबर मिलते ही परिवार के लोग परेशान हो गए. पहले तो परिजनों ने खुद ही बच्चों को खोजने की कोशिश की लेकिन जब लापता हुए इन तीनों बच्चों का कहीं आता-पिता नहीं चला तो थक हार कर मुगलसराय कोतवाली पहुंचे. इसके बाद बच्चों के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.
उधर पुलिस को जैसे ही जानकारी मिली कि कोतवाली क्षेत्र से तीन बच्चे लापता हो गए हैं तो पुलिस तत्काल एक्शन में आ गई. डिप्टी एसपी के नेतृत्व में पुलिस की कई टीमें इन बच्चों की तलाश में लगा दी गई है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही इन तीनों बच्चों को सकुशल रिकवर कर लिया जाएगा.
फिलहाल बच्चों के लापता होने वाले से घर वाले काफी हैरान-परेशान हैं और उनकी आखिरी उम्मीद पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है. दोनों बच्चों के पिता आबिद सिद्दकी ने बताया कि उनके बच्चे स्कूल गए थे, लेकिन घर लौटकर नहीं आए. जिसके बाद से ही दोनों का कुछ पता नहीं चल पाया है. मामले में पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गई है.
डिप्टी एसपी ने क्या कहा?
डिप्टी एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया एक ही परिवार के तीन बच्चों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. इस मामले में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है और बच्चों की तलाशी के लिए कई टीमों का गठन कर दिया गया है. बच्चों को रिकवर करने के प्रयास जारी हैं.
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