बिहार की राजनीति में ‘मुरैठा’ (पगड़ी) बांधकर नीतीश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले सम्राट चौधरी अब खुद मुख्यमंत्री का ताज हास‍िल कर चुके हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि राजनीति के इस ‘सम्राट’ कितना पढ़े ल‍िखे हैं?

मदुरै से ‘PFC’ और कैलिफोर्निया से ‘डॉक्टरेट’

चुनावी हलफनामों के अनुसार, सम्राट चौधरी ने अपनी उच्च शिक्षा तमिलनाडु की मदुरै कामराज यूनिवर्सिटी से पूरी की है. उनके एक चुनावी हलफनामे में ‘कैलिफोर्निया पब्लिक यूनिवर्सिटी’ से D.Litt (डॉक्टर ऑफ लेटर्स) की मानद उपाधि का जिक्र है. इसी डिग्री को लेकर विपक्ष ने कई बार सवाल उठाए हैं कि क्या यह संस्थान अधिकृत है.

इस लिंंक से देखें उनका पूरा एफ‍िडेव‍िट

कुछ साल पहले तेजस्वी यादव ने भी उनकी ड‍िग्री पर सवाल उठाते हुए कहा था कि सम्राट चौधरी मैट्र‍िक फेल हैं, उन्हें ये उपाध‍ि कब दी गई. क्या उन्होंने सच में वहां जाकर पढ़ाई की है. यही नहीं नीतीश कुमार भी उनकी ड‍िग्री पर सवाल उठा चुके हैं. इसके अलावा अन्य वि‍पक्षी पार्ट‍ियाें के नेता जैसे प्रशांत किशोर ने भी उनकी एजुकेशन पर सवाल उठाया था. वैसे हलफनामे के मुताबिक उनके पास डॉक्टरेट की डिग्री है, जिसकी वजह से उनके समर्थक उन्हें ‘डॉक्टर सम्राट चौधरी’ भी कहते हैं.

जान‍िए’राकेश कुमार’ से ‘सम्राट’ बनने का सफर

बहुत कम लोग जानते हैं कि सम्राट चौधरी का आधिकारिक नाम राकेश कुमार था. बाद में उन्होंने अपना नाम बदलकर सम्राट चौधरी कर लिया. वैसे उनकी शिक्षा स‍िर्फ किताबों तक सीमित नहीं रही. सात बार के विधायक और सांसद रहे पिता शकुनी चौधरी से उन्हें राजनीति की ‘प्रैक्टिकल’ शिक्षा घर में ही मिली. 1999 में जब वे पहली बार मंत्री बने (राबड़ी देवी सरकार में), तब उनकी उम्र को लेकर विवाद हुआ था कि वे मंत्री बनने के लिए निर्धारित 25 वर्ष की आयु के हैं या नहीं. उनकी उम्र को भी लेकर कई बार व‍िवाद उठ चुके हैं.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *