शिकायत के लिए ‘इंटरनल कमेटी’ जरूरी
कार्यस्थल पर किसी भी तरह के उत्पीड़न या समस्या के समाधान के लिए अब हर कंपनी में ‘इंटरनल शिकायत समिति’ (ICC) होना अनिवार्य है. इसकी अध्यक्षता एक महिला सदस्य करेगी. नोएडा के प्रदर्शन में महिलाओं ने सुरक्षा और सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया था, जिसे यह कानून सख्ती से एड्रेस करता है. अब आप अपनी बात बिना डरे कमेटी के सामने रख सकते हैं.
नोएडा का आंदोलन यह सिखाता है कि सिर्फ कानून की किताब में नियम होना काफी नहीं है. हर कर्मचारी को अपने हक पता होने चाहिए. अगर आपकी कंपनी ‘अपॉइंटमेंट लेटर’ नहीं देती या ओवर-टाइम का पैसा काटती है, तो आप लेबर कंट्रोल रूम या शिकायत पेटी का सहारा ले सकते हैं. जागरूक कर्मचारी ही एक बेहतर और शोषण-मुक्त कार्यस्थल (Workplace) का निर्माण कर सकता है.

