नासिक के चर्चित TCS केस में HR एग्जीक्यूटिव निदा खान एक अहम किरदार बनकर सामने आई है. FIR में नाम आने के बाद से वो फरार है. SIT की जांच में उसके रोल को लेकर गंभीर दावे सामने आए हैं, जिनमें पीड़ितों पर दबाव बनाने, धार्मिक परिवर्तन कराने और आरोपी नेटवर्क को सपोर्ट करने के आरोप शामिल हैं.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, निदा खान सिर्फ एक कर्मचारी भर नहीं थी, बल्कि उस ग्रुप का सक्रिय हिस्सा थी, जिस पर कर्मचारियों को निशाना बनाने के आरोप लगे हैं. पुलिस का दावा है कि उसने आरोपी टीम लीडर्स का न केवल साथ दिया, बल्कि कई मामलों में उनकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में भी भूमिका निभाई.
आरोपों के मुताबिक, निदा खान पीड़ित महिलाओं के संपर्क में रहती थी. उन्हें इस्लामिक रीति-रिवाजों के पालन के लिए दबाव डालती थी. कई पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि निदा खान ने उन्हें नमाज पढ़ने, खास तरह के कपड़े पहनने और धार्मिक तौर-तरीकों को अपनाने के लिए मजबूर किया.
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पुरुषों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न के दौरान वह उनका समर्थन करती थी. आरोपी टीम लीडर्स उसे ‘डेयरडेविल’ कहकर बुलाते थे, जबकि पीड़ित उससे डरते थे. आरोप है कि वह पीड़ितों का अपमान करती थी. उन्हें मानसिक रूप से दबाव में रखने का काम करती थी.
पुलिस का मानना है कि वो इस नेटवर्क की प्रमुख कड़ियों में से एक थी. जांच में यह भी सामने आया है कि निदा खान एक WhatsApp ग्रुप का हिस्सा थी, जिसमें आरोपी आपस में संवाद करते थे. इस ग्रुप में कर्मचारियों को लेकर चर्चा होती थी. वहां यह तय किया जाता था कि किसे कैसे प्रभावित करना है.
WhatsApp ग्रुप की कई चैट डिलीट कर दी गई हैं, लेकिन फोरेंसिक टीम उनकी रिकवरी में जुटी है. इस केस में अब तक 12 पीड़ित सामने आ चुके हैं, जबकि संख्या बढ़ने की आशंका है. इनमें से कई पीड़ितों ने बताया है कि आरोपी उन्हें गालियां देते थे, गलत तरीके से छूते थे और उनके धार्मिक विश्वासों को आहत करते थे.
इसके साथ ही उन पर उनके धर्म को अपनाने का दबाव बनाया जाता था. निदा खान की भूमिका को लेकर जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या वह भर्ती प्रक्रिया के जरिए किसी खास तरीके से लोगों को जोड़ रही थी. पुलिस ने TCS प्रबंधन को पत्र लिखकर उसकी गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड मांगे हैं.
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक स्थानीय सूचना के आधार पर पुलिस ने कंपनी कैंपस में महिला कांस्टेबलों को गुप्त रूप से तैनात किया. हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में काम करते हुए उन्होंने अंदर की गतिविधियों पर नजर रखी और कई अहम जानकारियां जुटाईं, जिससे जांच को दिशा मिली.
जांच के दौरान इमरान नाम के एक संदिग्ध का भी जिक्र सामने आया है, जिसे एक आरोपी ने मलेशिया में अपना संपर्क बताया है. WhatsApp चैट के आधार पर उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है. फिलहाल, SIT का पूरा फोकस इस केस की मास्टरमाइंड निदा खान को पकड़ने और उसके नेटवर्क को समझने पर है.
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