ईरान को हथियारों से मदद? ट्रंप के आरोप पर तिलमिला उठा चीन, दे डाली धमकी – China providing military support to iran trump allegation ntc rmxk


मिडिल ईस्ट में महाजंग खत्म करने को लेकर अमेरिका और ईराज के बीच इस्लामाबाद में हुई बातचीत बेनतीजा रही. इससे वहां फिर से भीषण जंग की आशंका बढ़ गई है. राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी कर दी है. इससे ईरानी जहाजों का वहां से गुजरना नामुमकिन सा हो गया है. इन सारे घटनाक्रम के बीच ट्रंप ने चीन को धमकी दी थी, यदि वह ईरान की हथियारों से मदद करेगा तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे. अब इस पर चीन का भी प्रतिक्रिया आई है.

चीन ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है जिसमें में चीन पर ईरान को सैन्य सहायता देने का आरोप लगाया गया है. चीन ने कहा कि यह पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं. यदि अमेरिका इन आरोपों के आधार पर चीन पर टैरिफ बढ़ाने का फैसला करता है, तो चीन इसका जवाब प्रतिरोधात्मक उपायों से देगा. चीनी अधिकारी ने मिडिल ईस्ट में तुरंत सैन्य अभियानों को समाप्त करने की अपील की.

मिडिल ईस्ट में शांति बहाली के लिए प्रयास करता रहेगा चीन
इससे पहले अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट ने चीन को आड़े हाथों लिया था. स्कॉट ने चीन को अविश्वसनीय वैश्विक साझेदार बताते हुए उस पर तेल भंडारण करने और कुछ वस्तुओं के निर्यात को सीमित करने का आरोप लगाया.

इसके जवाब में वॉशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंगयू ने कहा कि वैश्विक ईंधन की कमी मिडिल ईस्ट की तनावपूर्ण स्थिति के कारण हो रही है. इस इलाके में सैन्य अभियानों को तुरंत समाप्त करने की जरूरत है. चीन संघर्ष को समाप्त करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है और रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा.

चीन के विदेश मंत्रालय ने ईरान जंग और उसको लेकर हुई हालिया बातचीत पर कहा कि स्थिति एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है. चीन मध्य-पूर्व में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद के लिए प्रयास करेगा. चीन की ओर से ईरान को हथियार आपूर्ति करने की रिपोर्ट्स पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं.

ट्रंप ने दी थी धमकी
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अगर चीन ईरान को हथियार सप्लाई करते हुए पाया गया, तो उसे 50 फीसदी तक का भारी-भरकम टैरिफ (शुल्क) देना पड़ सकता है.

चीन द्वारा ईरान की सैन्य मदद करने से जुड़े सवाल पर ट्रंप ने कहा था, इसके परिणाम तत्काल और गंभीर होंगे. मुझे शक है कि वे ऐसा करेंगे. अगर हमने उन्हें ऐसा करते हुए पकड़ लिया, तो उन पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगेगा, जो सचमुच बहुत बड़ी रकम है.

ट्रंप की यह धमकी उन खुफिया आकलन के बाद आई है, जिनमें कथित तौर पर दावा किया गया कि चीन ईरान को हवाई रक्षा प्रणालियों की खेप भेजने की तैयारी कर रहा है. संभवतः पहचान से बचने के लिए इन खेपों को तीसरे देशों के रास्ते भेजा जा सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति अगले महीने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत के लिए बीजिंग जाने वाले हैं.

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