दो बार के ओलंपिक और विश्व चैम्पियन डेनमार्क के दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी विक्टर एक्सेलसन ने बुधवार को संन्यास का ऐलान कर दिया. लंबे समय से पीठ की गंभीर समस्या से जूझ रहे एक्सेलसन ने कहा कि लगातार दर्द और फिटनेस से जंग ने उन्हें यह कठिन फैसला लेने पर मजबूर किया.
32 साल के एक्सेलसन पिछले साल अक्टूबर से कोर्ट से दूर हैं. पीठ की सर्जरी कराने और लंबी रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजरने के बावजूद उनका दर्द पूरी तरह खत्म नहीं हुआ. ऐसे में वह न तो प्रतिस्पर्धी मैच खेल पा रहे थे और न ही नियमित अभ्यास कर पा रहे थे.
तीन बार के यूरोपीय चैम्पियन एक्सेलसन ने ‘बैडमिंटन यूरोप’ से बातचीत में कहा, ‘मैं लंबे समय से अपनी पीठ की समस्या से जूझ रहा हूं. सर्जरी और रिहैब के बाद भी अक्टूबर में दर्द फिर लौट आया. अब यह हालत है कि मैं खेल या अभ्यास…कुछ भी नहीं कर पा रहा हूं.’
करीब 183 हफ्तों तक दुनिया के नंबर-1 रहे एक्सेलसन इस मामले में इतिहास के तीसरे सबसे लंबे समय तक शीर्ष पर रहने वाले खिलाड़ी हैं. डॉक्टरों ने उन्हें चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने खेल जारी रखा तो एक और सर्जरी करनी पड़ सकती है, जो जोखिम भरी साबित हो सकती है.
अपने करियर में अस्थमा जैसी चुनौती से भी लड़ने वाले एक्सेलसन ने Tokyo 2020 Olympics और Paris 2024 Olympics में लगातार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा. इसके अलावा 2017 और 2022 विश्व चैंपियनशिप में भी उन्होंने खिताब अपने नाम किया.
उन्होंने कहा, ‘मैंने डॉक्टरों से सलाह के बाद यह फैसला लिया है. शरीर अब संकेत दे रहा है कि रुक जाना चाहिए, और मुझे उसकी बात माननी होगी.’
एक्सेलसन ने अपना आखिरी प्रतिस्पर्धी मुकाबला अक्टूबर 2025 में डेनमार्क ओपन में खेला था. एक युग का अंत… चोट से लड़ते-लड़ते आखिरकार दुनिया के सबसे प्रभावशाली बैडमिंटन खिलाड़ियों में शुमार एक्सेलसन ने रैकेट टांग दिया.
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