नोएडा में हुए बवाल और हिंसक घटनाओं के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होते नजर आ रहे हैं. कर्मचारियों के विरोध और तनावपूर्ण स्थिति के बाद अब कंपनियां सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही हैं. कई कंपनियों ने अपने-अपने गेट पर नए वेतनमान से जुड़ी सूचनाएं चिपकानी शुरू कर दी हैं, ताकि कर्मचारियों के बीच किसी तरह की गलतफहमी न रहे. जिला प्रशासन ने भी इस बदलाव की पुष्टि की है.

नोएडा की जिलाधिकारी मेघा रूपम ने  बताया कि नई वेतन दरों के अनुसार अकुशल, अर्धकुशल और कुशल कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी की गई है. अब अकुशल श्रमिकों को 13,690 रुपये, अर्धकुशल कर्मचारियों को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे. यह बदलाव सीधे तौर पर उन कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे थे.

जमकर हुआ था बवाल

दरअसल, पिछले दिनों नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच तनाव बढ़ गया था. आरोप था कि कई कंपनियां तय न्यूनतम वेतन का पालन नहीं कर रही थीं. इसी मुद्दे को लेकर विरोध शुरू हुआ, जो कुछ जगहों पर उग्र हो गया. कर्मचारी सड़कों पर आ गए, तोड़फोड़ और आगजनी की कई घटनाएं हुईं. हालात ऐसे बने कि पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा. इसके बाद सरकार ने सैलरी बढ़ाने का आदेश जारी किया. घटनाओं के बाद अब कंपनियों ने न सिर्फ सैलरी बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की है, बल्कि पारदर्शिता बढ़ाने पर भी जोर दिया है. कई फैक्ट्रियों के बाहर नोटिस बोर्ड पर साफ-साफ लिखा गया है कि किस श्रेणी के कर्मचारी को कितना वेतन मिलेगा. इससे कर्मचारियों को स्पष्ट जानकारी मिल रही है और भ्रम की स्थिति खत्म हो रही है.

RJD की प्रवक्ताओं पर FIR

हिंसा से जुड़ी एफआईआर में कुछ राजनीतिक चेहरों के नाम भी सामने आए. पुलिस ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और पोस्ट साझा किए गए, जिससे माहौल और अधिक बिगड़ा.  FIR में RJD की प्रवक्ताओं कंचन यादव और प्रियंका भारती पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि दोनों के इन पोस्ट्स के जरिए लोगों में डर और गुस्सा फैलाने की कोशिश की गई, जिसका सीधा असर कानून-व्यवस्था पर पड़ा. पुलिस का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ गैरकानूनी हैं, बल्कि सामाजिक शांति के लिए भी खतरा हैं. इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के जरिए अफवाह फैलाना, लोगों को भड़काना और स्थिति को अस्थिर करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. जांच एजेंसियां अब इस पहलू को भी गंभीरता से देख रही हैं.

अब शांति का दावा

उधर, स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए नोएडा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की भारी तैनाती की गई है. वरिष्ठ अधिकारी खुद सड़कों पर उतरकर हालात का जायजा ले रहे हैं. पुलिस कमिश्नर के निर्देशन में लगातार फ्लैग मार्च और फुट पेट्रोलिंग की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके. आज सुबह से ही कमिश्नरेट क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में पुलिस अधिकारियों ने जवानों के साथ गश्त की. इस दौरान न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई, बल्कि स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया गया. पुलिस अधिकारियों ने साफ संदेश दिया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

थाना फेस-1 क्षेत्र में भी विशेष सतर्कता बरती गई. यहां वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर पैदल गश्त की. बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया. आम लोगों से अपील की गई कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.

सतर्कता जरूरी
प्रशासन का मानना है कि हालात अब नियंत्रण में हैं, लेकिन सतर्कता बरतना अभी भी जरूरी है. यही वजह है कि पुलिस लगातार सक्रिय बनी हुई है और हर छोटे-बड़े इनपुट पर नजर रखी जा रही है. पीसीआर और पीआरवी वाहनों को भी लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं.

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