घुटने ही नहीं, अंगूठा भी देता है गठिया का संकेत, डॉक्टर ने बताया कैसे पहचानें – health tips doctor shares easy pinch test for arthritis symptoms in hindi tvism


अक्सर जब हम गठिया या अर्थराइटिस की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में घुटनों के दर्द की तस्वीर आती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके हाथ, खासकर अंगूठे का निचला हिस्सा, इस बीमारी का सबसे शुरुआती संकेत दे सकता है? बीबीसी के मशहूर डॉक्टर टॉम नेलर ने एक ऐसी आसान तकनीक शेयर की है जिसे ‘पिंच टेस्ट’ कहा जाता है. यह टेस्ट इतना सरल है कि आप इसे कहीं भी कर सकते हैं. अगर आपको चुटकी काटते समय या कोई चीज़ पकड़ते समय अंगूठे की जड़ में दर्द होता है, तो यह खतरे की घंटी हो सकती है.

अंगूठे में कहां होता है दर्द?

डॉक्टर टॉम नेलर के अनुसार, हमारे हाथ का कार्पोमेटाकार्पल जॉइंट (CMCJ) कहा जाता है, वह अर्थराइटिस से सबसे ज्यादा प्रभावित होता है. यह जोड़ अंगूठे के बिल्कुल निचले हिस्से में कलाई के पास होता है. यह हमें चीजों को मजबूती से पकड़ने और मोबाइल चलाने जैसे काम करने में मदद करता है.

समस्या तब शुरू होती है जब इस जोड़ के बीच का कार्टिलेज (नरम हड्डी) घिसने लगता है. लोग अक्सर इसे थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी मुसीबत बन जाती है.

कैसे करें घर पर पिंच टेस्ट?

डॉक्टर ने इस जांच का बहुत ही आसान तरीका बताया है. आप अपने अंगूठे और तर्जनी (Index finger) के पोरों को आपस में दबाकर एक ‘चुटकी’ बनाने की कोशिश करें, जैसा कि हम कोई बारीक चीज उठाते समय करते हैं. इसे ही पिंच टेस्ट कहते हैं.

यदि इस प्रोसेस के दौरान आपको अंगूठे के निचले जोड़ पर तेज चुभन, दबाव या दर्द महसूस होता है तो यह इस बात का संकेत है कि आपके जोड़ के अंदर कार्टिलेज को नुकसान पहुंच रहा है.

इन लक्षणों को पहचानना भी है जरूरी

गठिया केवल दर्द तक सीमित नहीं होता. डॉक्टर ने कुछ और संकेतों पर भी ध्यान देना जरूरी है:

  • प्रभावित जोड़ के आसपास सूजन या लाली आना.
  • सुबह उठने पर जोड़ों में जकड़न महसूस होना.
  • हाथ की पकड़ (ग्रिप) कमजोर हो जाना.
  • भारी चीजें जैसे चाय का मग या किताब उठाने में परेशानी.

क्या है बचाव का रास्ता?

डॉक्टर नेलर के मुताबिक, शुरुआत में इसे फिजियोथेरेपी और खास एक्सरसाइज से कंट्रोल किया जा सकता है. जोड़ों पर दबाव कम करने के लिए ‘पावर ग्रिप’ का इस्तेमाल करना चाहिए. अगर दर्द बना रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है ताकि सही समय पर इलाज शुरू हो सके.

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