अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स नैस्डैक और एसएंडपी बुधवार यानी 15 अप्रैल को रिकॉर्ड हाई पहुंच गए. लेकिन भारतीय बाजार अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से करीब 9 फीसदी नीचे है. ऐसे में एक्सपर्ट्स भारतीय बाजार को लेकर बुलिश नजर आ रहे हैं.
दरअसल, निफ्टी अभी भी अपने ऑल टाइम हाई 26,373 अंक से करीब 9 फीसदी नीचे 24,196.75 पर है. अमेरिका और ईरान की वजह से भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. लेकिन अब युद्ध को लेकर बाजार का डर थोड़ा कम हुआ है, क्योंकि दोनों पक्ष संघर्षविराम पर सहमत है. वहीं स्टेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने के लिए भी सार्थक बातचीत चल रही है.
अगर भारतीय शेयर बाजार के संदर्भ में देखें तो बाजार वैश्विक कारणों से गिरे थे, जबकि घरेलू संकेत बाजार को पसंद आ रहे हैं.
1. भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी
भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी हुई है. आईएमएफ (IMF) ने हाल ही में भारत की 2026 की विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.5% कर दिया है. भारत की आंतरिक खपत बहुत मजबूत है. भारत सरकार ने बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने के साथ-साथ राजकोषीय घाटे को काबू में रखा है.
2. विदेशी निवेशकों (FIIs) के लौटने की उम्मीद
पिछले कुछ महीनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजारों में जबरदस्त बिकवाली की है. लेकिन अब उन्हें लौटकर भारत में आने की संभावना है, क्योंकि चौथी तिमाही में कंपनियों के रिजल्ट बेहतर आ रहे हैं. वैश्विक कंपनियां अपनी सप्लाई चेन के लिए चीन के विकल्प के रूप में भारत को प्राथमिकता दे रही हैं.
3. DII का निवेश जारी
भारतीय बाजार में म्यूचुअल फंड का भारी निवेश जारी है. ग्लोबल टेंशन कम होने से और निवेश बढ़ सकता है. इसके अलावा बैंकिंग, ऑटो और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनियों ने 2026 की शुरुआती तिमाहियों में उम्मीद से बेहतर मुनाफा कमाया है. बैंकों की एसेट क्वालिटी में सुधार देखने को मिल रहे हैं.
बता दें, भारतीय बाजार खासकर निफ्टी 30 मार्च को फिसलकर 22000 अंक के आसपास पहुंच गया था. जहां से पिछले 15 दिनों में करीब 2000 अंकों की तेजी देखी गई है. ऐसे में संभव है कि कुछ समय तक बाजार 24000 अंक के आसपास टिके रहे. लेकिन यहां ये बड़ी गिरावट का अनुमान कम है.
टेक्निकल तौर पर निफ्टी के लिए 24,400 का लेवल एक अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है. एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि इस लेवल के पार होने पर ही बाजार में तेजी आ सकती है. वहीं नीचे की और निफ्टी के लिए 23,800 के स्तर पर मज़बूत सपोर्ट दिख रहा है.
(नोट: शेयर बाजार में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें)
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