'नहीं घट रही दक्षिण की ताकत', अमित शाह ने बताया तमिलनाडु, केरल समेत पांच राज्यों की सीटों का गणित


लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने दक्षिण भारत के राज्यों की चिंता दूर करने की कोशिश की. अमित शाह ने दक्षिण के पांचों राज्यों कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल का नाम लेकर बताया कि परिसीमन के बाद किस राज्य की सीटें कितनी होंगी.

लोकसभा में प्रियंका गांधी की स्पीच के बाद बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि एक सबसे बड़ा नैरेटिव खड़ा किया जा रहा है, ये जो तीन विधेयक हैं उसके आने से दक्षिण की क्षमता लोकसभा में कम हो जाएगी, दक्षिण के राज्यों को बड़ा नुकसान होगा. मैं बिल की प्रैक्टिकल व्याख्या कर बताना चाहता हूं.

गृह मंत्री ने कहा कि कर्नाटक राज्य का लोकसभा के  543 में सदस्यों में 28 सांसद हैं. कर्नाटक का लोकसभा में प्रतिनिधित्व 5.15 प्रतिशत है. बिल पारित होने और संविधान संशोधन होने के बाद कर्नाटक के सांसदों की संख्या 28 से बढ़कर 42 हो जाएगी. और लोकसभा में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व 5.14 प्रतिशत हो जाएगा. इस तरह से कर्नाटक को जरा भी नुकसान नहीं होगा.

पांचों राज्यों की सीटों का गणित

आंध्र प्रदेश का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश की 25 सीटें हैं, और लोकसभा में आंध्र प्रदेश का प्रतिनिधित्व 4.60 प्रतिशत है, इस बिल के पास होने के बाद आंध्र प्रदेश की सीटें हो जाएगी 38 और लोकसभा में आंध्र की हिस्सेदारी 4.65 फीसदी हो जाएगी.

तेलंगाना की स्थिति बताते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अभी 543 सीटों के सदन में तेलंगाना की सीटें 17 हैं, लोकसभा में तेलंगाना की हिस्सेदारी 3.13 प्रतिशत है, परिसीमन के बाद तेलंगाना की लोकसभा सीटें हो जाएंगी 26 और लोकसभा में हिस्सेदारी हो जाएगी 3.18 प्रतिशत.

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तमिलनाडु के बारे में भी गृह मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की. तमिलनाडु की डीएमके सरकार इस बदलाव का सबसे मुखर विरोध कर रही है. इस प्रस्तावित

बदलाव के विरोध में डीएमके सांसद काले कपड़े पहनकर संसद में आए थे. गृह मंत्री ने कहा कि अभी लोकसभा में तमिलनाडु के 39 सांसद हैं, और लोकसभा में तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व 7.18 प्रतिशत है, परिसीमन के बाद तमिलनाडु के सांसदों की संख्या बढ़कर 59 हो जाएगी और तमिलनाडु की हिस्सेदारी 7.23 प्रतिशत हो जाएगी. गृह मंत्री ने कहा कि नए सदन में सांसदों की कुल संख्या 816 होगी.

दक्षिण भारत के आखिरी राज्य केरल का जिक्र करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केरल की अभी 20 सीटें हैं और यहां की हिस्सेदारी 3.68 प्रतिशत है, लेकिन परिसीमन लागू होने के बाद केरल की सीटें 30 हो जाएगी और हिस्सेदारी 3.67 प्रतिशत हो जाएगी.

गृहमंत्री ने आश्वस्त किया कि किसी भी दक्षिण राज्य की शक्ति घटेगी नहीं बल्कि बढ़ेगी.

मैं अमित शाह भारत का गृह मंत्री कह रहा हूं

अमित शाह ने कहा कि अभी 543 सीटों में दक्षिण के राज्यों की भागीदारी 129 सांसदों की है. जबकि दक्षिण के राज्यों की भागीदारी 23.76 प्रतिशत है. परिसीमन के बाद यानी कि लोकसभा की सीटों में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी के बाद दक्षिण के राज्यों की सांसद संख्या 816 सांसदों के सदन में 195 हो जाएगी और भागीदारी 23.97 प्रतिशत हो जाएगी.

वेणुगोपाल और प्रियंका के आरोपों का जवाब

अमित शाह ने कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल की आपत्ति पर कहा कि वे कह रहे हैं कि ऐसा किसने कहा? यानी कि इन संख्याओं को लाने का आधार क्या है? इस पर गृह मंत्री ने कहा कि मैं अमित शाह भारत का गृह ऐसा कह रहा हूं जिसने इस बिल को पायलट किया है. अमित शाह ने विपक्ष के इन सवालों की भी जवाब दिया कि वे ये आंकड़े कहां से निकाल रहे हैं. अमित शाह ने कहा कि वे जब कल डिटेल जवाब देंगे तो बताएंगे कि ये आंकड़े कहां से आए, लेकिन विपक्ष को ये सुनने के लिए सदन में बैठना चाहिए, न कि वे वॉकआउट कर जाएं. उन्होंने कहा कि KG के बच्चे को पूरा हिसाब समझ में आ जाए वे इतनी सरलता से इसे समझाएंगे.

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कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सदन में कहा था कि मौजूदा सरकार जनता की आंखों में धूल झोंक रही है. ये ओबीसी वर्ग का हक छीन रहे हैं, ताकि कुछ प्रदेशों की ताकत कम किया जा सके. उन्होंने कहा था कि पीएम किस बात से घबरा रहे हैं. इस बात से न कि जब नई जनगणना होगी तो ओबीसी के नए आंकड़ें निकलेंगे तो पता चलेगा कि यह वर्ग कितना मजबूत है.

अमित शाह ने कहा कि सरकार ने जाति जनगणना का फैसला कर लिया है. लेकिन सरकार की कैबिनेट ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जाति जनगणना करने का निर्णय कर लिया है. अगली जनजणना जाति जनगणना होने वाली है. उन्होंने कहा कि जब जाति जनगणना का समय आएगा तो इसकी गिनती होगी.

क्या है 850 सीटों का लॉजिक

अमित शाह ने लोकसभा में सांसदों की संख्या को बढ़ाकर 850 करने के तर्क को भी समझाया.

गृह मंत्री ने कहा, “850 का जो आंकड़ा है वो इस तरह से बना है कि काल्पनिक रूप से सोच ले की 100 सीटें हैं. अगर 33% माताओं को आरक्षण देना है तो उसमें 50% बढाते हैं, तो सीटें होती है 150. और जब 150 का 33 फीसदी करते हैं तो 100 सीटें नैचुरल रूप से बच जाती है,

अभी 543 सदस्य हैं, इसमें 50 फीसदी वृद्धि होगी, इसका 33% जब माताओं के लिए रिजर्व हो जाएगा तब 543 की 543 सीटें ओपन रहेंगी जहां पर महिलाएं भी लड़ सकती हैं. तो ये 50 फीसदी की बढ़ोतरी इसी तरह से आई है. 850 राउंड अप फिगर है. 816 एक्जैक्ट संख्या होगी.

अमित शाह ने कहा कि सांसद ज्योति मणि और दक्षिण के कई सारे सांसदों ने कहा कि ऐसा बिल में लिखा नहीं है. मेरा कल समय ले ले मैं पढ़वा दूंगा वैसे समय लेने की जरुरत भी नहीं है. कल मैं सदन के सामने ये डिटेल ऐसे समझा दूंगा कि पूरा देश समझ जाएगा.

परिसीमन आयोग से जुड़ी शंकाओं का जवाब

गृह मंत्री ने परिसीमन आयोग से जुड़ी शंकाओं का भी जवाब दिया. गृह मंत्री ने परिसीमन आयोग से जुड़ी शंकाओं का भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि परिसीमन आयोग का जिक्र आया और कहा गया कि इस आयोग में सरकार अपने लोग बिठा देगी. प्रियंका गांधी के सवालों का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि परिसीमन आयोग एक्ट के तहत इस सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया है और पूरा का पूरा कानून आपकी सरकार ने जो बनाया था उसे ही रिपीट किया है. आप कह रही हैं कि इसमें कुछ गड़बड़ी हो सकती है तो अगर आपने कुछ गड़बड़ी की होगी तो मैं इतना कह सकता हूं कि हम कोई गड़बड़ी नहीं करेंगे.

धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं

इससे पहले गुरुवार सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद सदस्यों को संबोधित करते हुए सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने मुस्लिम महिलाओं के लिए आरक्षण की मांग की. सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि जब तक मुस्लिम महिलाओं और पिछड़ी जाति की महिलाओं को अलग से आरक्षण नहीं दिया जाएगा, तब तक इस बिल का कोई मतलब नहीं है, अमित शाह ने इसका कड़ा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र यादव ने एक असंवैधानिक बयान दिया है, हमारा संविधान किसी भी प्रकार के धर्म के आधार पर आरक्षण की कतई इजाजत नहीं देता है. मुस्लिमों को धर्म के आधार पर आरक्षण देना पूरी तरह असंवैधानिक है और इसका सवाल ही नहीं उठता, सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि धर्म के आधार पर मुस्लिमों को कोई आरक्षण नहीं दिया जाएगा.

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