अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध के दौरान लगातार कहा है कि अब इसके बाद क्यूबा की बारी है. उन्होंने लंबे समय से क्यूबा का ऊर्जा नाकाबंदी कर रखी है जिससे द्वीप देश गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है. इस मुश्किल स्थिति में रूस सामने आया और ट्रंप की टैरिफ की धमकियों के बावजूद उसने क्यूबा को सात लाख बैरल तेल भेजा था. अकेले पड़े क्यूबा के लिए रूस की यह मदद बेहद अहम मानी गई और अब भारत में क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस एगुइलेरा ने भी कहा कि रूस ने ऐसा करके दुनिया को अहम संदेश भेजा है.

नई दिल्ली में क्यूबा के राजदूत एगुइलेरा ने गुरुवार को एक इंटरव्यू में बताया कि अमेरिका के प्रतिबंधों के बाद रूस ने क्यूबा की मदद के लिए तेल भेजा.

उन्होंने कहा, ‘तीन महीने तक तेल नहीं मिलने के बाद एक रूसी जहाज क्यूबा पहुंचा. यह सिर्फ तेल सप्लाई नहीं थी, बल्कि दुनिया को यह संदेश था कि रूस संकट की घड़ी में क्यूबा का समर्थन करेगा.’

रशिया टीवी को दिए एक इंटरव्यू में राजदूत ने कहा कि क्यूबा का साथ देकर रूस ने अहम संदेश किया है. उन्होंने कहा, ‘रूस की मदद बहुत अहम है क्योंकि अमेरिका उन देशों पर टैरिफ लगाने या जहाजों पर हमला करने की धमकी दे रहा था, जो क्यूबा को तेल सप्लाई करेंगे.’

रूस ने क्यूबा को मदद जारी रखने की घोषणा की है

रूस के विदेश मंत्री ने बुधवार को कहा कि रूस क्यूबा की ईंधन जरूरतों को पूरा करने के लिए उसे तेल की सप्लाई जारी रखेगा. दो हफ्ते पहले रूस ने क्यूबा को तेल टैंकर भेज था.

अमेरिका ने 3 जनवरी को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद क्यूबा के मुख्य सहयोगी वेनेजुएला से तेल निर्यात रुकवा दिया था. इसके बाद करीब 1.1 करोड़ आबादी वाले क्यूबा में गंभीर ईंधन संकट पैदा हो गया.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्यूबा को तेल भेजने वाले देशों पर दंडात्मक टैरिफ लगाने की धमकी दी थी. वेनेजुएला के बाद क्यूबा का एक अन्य बड़ा सप्लायर मेक्सिको ने भी क्यूबा को तेल सप्लाई रोक दी हालांकि बाद में अमेरिका ने मानवीय आधार पर इस साल रूस की पहली तेल खेप को क्यूबा पहुंचने की अनुमति दे दी. इसी बीच क्यूबा का एक अन्य बड़ा आपूर्तिकर्ता मेक्सिको भी अपनी सप्लाई रोक चुका है.

लेकिन रूस ने अमेरिकी दबाव के बावजूद क्यूबा को तेल सप्लाई जारी रखने का फैसला किया है. चीन दौरे पर गए लावरोव ने कहा कि रूस क्यूबा को मानवीय सहायता भी देगा. उन्होंने कहा, ‘हमने क्यूबा के लिए 1 लाख टन (करीब 7 लाख बैरल) तेल वाला पहला टैंकर भेजा है. संभव है कि यह कुछ महीनों तक चले.’

उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे कोई शक नहीं है कि हम ऐसी मदद आगे भी जारी रखेंगे, और चीन भी इस सहयोग में अपनी भूमिका निभाता रहेगा.’

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